श्याम सुन्दर यादव ने पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धाजंलि

श्याम सुन्दर यादव ने पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धाजंलि

उत्तर प्रदेश। कादीपुर इन्कलेव वार्ड नं-13 गुरुग्राम के पूर्व प्रधान एवं राष्ट्रीय एससी एसटी ओबीसी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष श्याम सुन्दर यादव ने पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की 35वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया है।
गुरुग्राम के पूर्व प्रधान श्याम सुन्दर यादव ने बताया कि बाबू जगजीवन राम ने 1936 से 1986 तक अर्थात आधी शताब्दी तक राजनीति मे सक्रिय रहते हुए अनेकों अहम मंत्रालय जैसे रक्षा, श्रम, संचार, रेल आदि को सम्भालते हुए उपप्रधानमंत्री तक रहते हर जाति, धर्म, वंचितों व पीड़ितों के अधिकारों के लिए कार्य किया एवं सदा एक ही चुनाव क्षेत्र से हमेशा विजयी रहने का विश्वकीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने अपना शरीर छोड़ने तक उच्च पदों पर रहते हुए भी अपनी जमीनी सोच और कार्यशैली में कभी बदलाव नही आने दिया इसीलिए उन्होंने लोगों के दिल मे जगह बनाई। उन्होंने कहा कि आम आदमी को न्याय दिलाने के लिए हमेशा संघर्ष किया, खेतिहर किसानों, मजदूरों, गरीबों की सदा आवाज रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में सामाजिक मुद्दों पर अपने विरोधियों से सलाह आदि लेने मे कभी हिचक नही मानी, जनहित की अत्यंत योजनाएं लागू की एवं लागू करवाने मे अहम भूमिका की। अपने इसी स्वभाव के कारण वह समस्त राष्ट मे बाबूजी के नाम से प्रसिद्ध हुए। उन्होंने कहा कि किसान कामगार व गरीब मजदूर के हितों के प्रति उनके प्रयासों को देखते हुए पूर्व प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू ने बाबू जगजीवन राम के प्रति कहा था कि समाजवादी विचारधारा वाले व्यक्ति को, देश की साधारण जनता का जीवन स्तर ऊँ चा उठाने में बड़े से बड़ा खतरा उठाने में कभी कोई हिचक नही हुई वह महान व्यक्ति बाबू जगजीवन राम हैं। उन्होंने कहा कि बाबू एक व्यक्ति नही बल्कि एक ऐसी शक्ति थे जो साधारण जनता को आगे बढ़ने के लिए सदैव गतिशील व मार्गदर्शक रहे। उन्होंने कहा कि बाबू जग जीवनराम ने आजादी दिलाने में एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अहम भूमिका अदा की एवं सदैव सामाजिक न्याय को सर्वोपरि मानते हुए निडरतापूर्वक अन्याय का सामना करते हुए साहस, ईमानदारी, ज्ञान व अपने अनुभव से सदैव देश के विकास के प्रति कार्य किया। उन्होंने कहा कि वे स्वतंत्र भारत के उन महान नेताओं में से एक थे जिन्होंने दलित समाज की दशा बदल कर एक नई दिशा प्रदान की। आज आवश्यकता है कि बाबू जगजीवन राम की जन कल्याणकारी योजनाओं व नीतियों, सिद्धान्तों का अनुसरण किया जाए इससे सरकारी नीति व कार्यशैली निर्धारण में मदद मिलेगी।

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