उत्तराखंड : जब आठ घंटे जाम में फ़ंसे रह गए अधिकारी, तब जाकर किया ये कार्य शुरू

राहत भरी ख़बर : रानीबाग और भीमताल के आसपास लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए रानीबाग स्टील ग्रेडर टू-लेन पुल पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यह पुल संपूर्ण कुमाऊं मंडल को जोड़ता है, इसके बनने से सफर बेहद आसान हो जाएगा। कुमाऊं क्षेत्र के निवासी लंबे समय से यहां पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। हमारी सरकार ने जनभावनाओं का आदर करते हुए इस पुल का निर्माण शुरू करवाया है। प्रदेशवासियों के हित के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्पित है।

बता दें, भीमताल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रानीबाग में एचएमटी के पास बने पुल के समीप से एक 60 मीटर स्पान का डबल लेन पुल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। पुल की चौड़ाई कम होने से दोनों तरफ के वाहनों की आवाजाही के बाधित होने से कई किलोमीटर लम्बा जाम लग जाता था।

जाम की इस समस्या को देखते हुए विधायक राम सिंह कैड़ा ने सीएम त्रिवेंद्र रावत व केंद्र सरकार से यहां पुल निर्माण की मांग की थी। विधायक राम सिंह कैड़ा ने बताया कि, पुल निर्माण की मांग तीन साल पहले से की जा रही थी। पुल निर्माण के न होने से पर्वतीय क्षेत्र के फल उत्पादकों को ख़ासा नुकसान उठाना पड़ता था। आलम ये था कि, उनके द्वारा लाये गए ताजे फल मंडी तक पहुँचने से पहले ही यातायात जाम की भेंट चढ़ जाया करते थे, जिस कारण ख़राब हो चुके फ़लों की कीमत मंडी में गिर जाया करती थी।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर कहा,” मुझे खुशी है कि कुमाऊं क्षेत्र की एक बड़ी मांग रानीबाग स्टील ग्रेडर टू लेन पुल पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह पुल संपूर्ण कुमाऊं मंडल को जोड़ता है। इसके बनने से न केवल सफर आसान बनेगा बल्कि लोंगों को रानीबाग और भीमताल के आसपास लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।पुल के निर्माण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 745.07 लाख की स्वीकृति प्रदान की।

इस पुल निर्माण का कच्चा चिट्ठा आज से तीन साल पहले उस समय बना, जब जून माह में इस स्थान पर लगभग आठ घंटा लंबा जाम लग गया। पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले फलों से लदे ट्रक और वाहन इस जाम में फंस कर रह गये। जाम में फंसे होने की वजह से कई यात्रियों की बसें और ट्रेन तक छूट गई। इतना ही नहीं जून माह में यातायात जाम के चलते लगभग दस किमी लंबा जाम लग गया। यह जाम जहाँ भीमताल रानीबाग मोटर मार्ग में लगा तो वहीं, यही जाम रानीबाग से हल्द्वानी और हल्द्वानी से नैनीताल मोटर मार्ग में ज्योलीकोट तक लगा था। इस जाम में कई वीआईपी फंस गये।

विधायक समेत पुलिस अधिकारी आईएएस को भी अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने के लिये आठ घंटे इंतजार करना पड़ा था। मरीजों को लेकर पर्वतीय क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों को आ रही एंबुलेंस तक जाम में फंसी रही। इस मोटर मार्ग निर्माण की मांग तब से जहां मैदानी क्षेत्र की जनता कर रही थी वहीं पर्वतीय क्षेत्र की जनता को भी इस पुल निर्माण का इंतजार था।


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