उत्तराखण्ड: एसटीएफ खोल रहा है साल के सबसे बड़े साइबर घोटाले की परतें

उत्तराखण्ड: एसटीएफ खोल रहा है साल के सबसे बड़े साइबर घोटाले की परतें
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देहरादून। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि साइबर अपराधियों द्वारा पावर बैंक नामक एप के माध्यम से पैसे इन्वेस्ट करने पर 15 दिन मे पैसे दोगुने करने का लालच देकर आम जनता से धनराशि विभिन्न ई-वालेट (पेटीएम/रोजर पे ) के माध्यम से प्राप्त कर विभिन्न बैक खातो में जमा कराकर करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है। जिस पर उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मिलकर पूरे राज्य में पावर बैक के नाम से धोखाधडी की प्राप्त शिकायतो में 08 प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत किया गया है, अभियोगों की विवेचना में अब तक 30 बैक खाते व एसटीएफ ने सभी संबंधित बैंक प्रबंधकों और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ विभागीय और कानूनी जांच के लिए पहले ही पत्र जारी कर दिया हैे उसके साथ 12 अभियुक्त प्रकाश में आये है जिसमें 2 अभियुक्त गिरफ्तार 06 अभियुक्तो के विरुद्व वारण्ट बी+1 अभियुक्त के विरुद्व गैर जमानती वारंट 2 अभियुक्त के विरुद्व 41 दण्ड प्रक्रिया सहिता का नोटिस+01 अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु इन्टरपोल से सम्पर्क किया गया है। पूर्व में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने मामलों के सभी निष्कर्षों को संबंधित राज्य पुलिस प्रमुखों के साथ साझा भी किया था। उक्त प्रकार के अपराधो के पूरे देश से आँकडे एकत्रित किये गये तो पावर बैक सम्बन्धी पूरे देश में करीब 239 अभियोग विभिन्न राज्यो (8 उत्तराखण्ड178 तेलगांना+19 पश्चिम बगांल 13 उत्तर प्रदेश 5 हरियाणा 4 तमिलनाडू 3 कनार्टका 2 छत्तीसगढ 2 महाराष्ट्र 2 उडीसा+1 बिहार 1 चण्डीगढ 1 दिल्ली) में पजीकृत कराये गये है जिसमें पूरे देशभर में करीब 25 अभियुक्तो की गिरफ्तारी की गयी है। प्रकरण काफी गम्भीर एवं इसमे विदेशी नागरिको/कम्पनियो के जुड़े होने के साक्ष्य प्राप्त होने के कारण राष्ट्रीय एजंसियो उइक, कइ, एऊ व सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक व राजस्व खुफिया निदेशालय आदि से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग लिया जा रहा है, साथ ही अन्तराष्ट्रीय एजेंसियो से भी सम्पर्क स्थापित करने का प्रयास जारी है। ऐसे ही एक प्रकरण में करोडों रुपयों के ट्रांजेक्शन के दृष्टिगत एऊ द्वारा इस सम्बन्ध में क्रिप्टो करैंसी एक्सचें को नोटिस 2700 सौ करोड़ का नोटिस प्रेषित किया गया है । साथ ही, अन्य क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजर्स के खिलाफ रिपोर्ट आगे की गहन पूछताछ के लिए प्रस्तुत की गईे प्रकरण में 350 करोड रुपये से अधिक की धनराशि की हेरा-फेरी होने का अनुमान है व करीब 06 करोड रुपये विभिन्न बैक खातो में विभिन्न राज्य पुलिस द्वारा फ्रीज कराया गया है। साईबर थाने द्वारा तकनीकी रुप से यह जानकारी भी प्राप्त की गयी जिसमे कि धोखाधड़ी से प्राप्त कुछ धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजे जाने के साक्ष्य प्राप्त हुये है, साथ ही धोखाधड़ी हेतु प्रयुक्त पावर बैंक एप को हांगकांग चाइना से संचालित किया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि 2020 में कोरोना संकट के समय कुछ चीनी लोगो द्वारा पावर बैंक एप्प के माध्यम से धनराशि दोगुना करने का लालच पावर बैंक ऐप्प के माध्यम से धोखाधडी की गयी जिसमें दिल्ली/गुरुग्राम/नोएडा निवासी 20 चार्टेड अकाउन्टेन्ट के द्वारा चीनी नागरिको के सम्पर्क में आकर फर्जी आईडी खोलकर अपराध करने की सदिग्धता प्रकाश में आयी है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। साथ ही मामले के निष्कर्ष कई वित्तीय संस्थाओं के कामकाज में सुधार करने में मदद करेंगे उत्तराखंड एसटीएफ अन्य सभी राज्यों के लिए नए ऐप और नए तौर-तरीकों को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है तथा और भी ऐसे एप्स को चिन्हित करके उनके विरोध पूरे देश में अलर्ट जारी करेगा, जहां नकली वेबसाइट / ऐप सामान बेच रहे हैं और लोगों को धोखा दे रहे है।

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