पश्चिम बंगाल में सिख युवक की पगड़ी उतारे जाने को लेकर अब उत्तराखंड में भी छिड़ा प्रदर्शन

पश्चिमी बंगाल में पुलिस द्वारा सिख समाज के एक युवक बलविंदर सिंह की पगड़ी उतारने का मामला पूरे देश में तूल पकड़ता जा रहा है। कोलकाता पुलिस पर आरोप लगा है कि उसने 43 वर्षीय सिख शख्स बलविंदर सिंह की पगड़ी खींच कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।

वहीं, पगड़ी खुल जाने पर तमाम राजनीतिक दलों और सिख संगठनों की तरफ से नाराजगी जताई गई थी। जिसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण जारी किया गया है. पुलिस ने साफ किया है कि पगड़ी उतारने की कोई कोशिश नहीं की गई थी। अधिकारी के साथ हाथापाई में पगड़ी अपने आप गिर गई। किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करना हमारा उद्देश्य नहीं है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ये घटना हावड़ा मैदान इलाके की है। अब इस पगड़ी विवाद ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त तूल पकड़ लिया है और लोग ममता बनर्जी सरकार की जमकर आलोचना कर रहे हैं। वहीं इसका असर उत्तराखंड के हल्द्वानी में भी देखने को मिला है।

हल्द्वानी में सिख समाज के लोगों ने पश्चिमी बंगाल की ममता सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया। साथ ही पश्चिम बंगाल पुलिस के खिलाफ सिख समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश की आन बान शान के लिए हमेशा सिख समाज सबसे आगे रहा है ऐसे में सर पर पगड़ी सिखों का ताज होती है और उसको उतारना सिख धर्म का सबसे बड़ा अपमान है, सिख समाज ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की मांग की।


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