उत्तराखंड : अतिक्रमणकारियों की अब ख़ैर नहीं, इस शहर में बनाये गए चार जोन, चलेगा हथौड़ा

देहरादून : सरकारी मशीनरी अतिक्रमणकारियों को बक्शने के मूड में नहीं है। हाइकोर्ट के आदेशानुसार एक बार फिर से सरकारी मशीनरी अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए तैयार है। अतिक्रमण ध्वस्त की कार्यवाही को अंजाम देने के लिए चार जोन में शहर का विभाजन किया गया है। चिन्हित किये गए सभी जोन में तत्काल प्रभाव से अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, अतिक्रमण ध्वस्त करने का काम कल से (मंगलवार) से शुरू कर दिया जाएगा।

अतिक्रमण हटाओ टास्क फोर्स के अध्यक्ष नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर जोनिंग के आदेश अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अरविंद पांडेय ने जारी किए। आदेश के मुताबिक, शहर को मुख्य रूप से राजपुर रोड, चकराता रोड, सहारनपुर रोड, हरिद्वार रोड में बांटा गया है। इसके साथ ही मुख्य सड़कों के मध्य के इलाकों को भी अलग से तय किया गया है। सभी जोन में मंगलवार से ही एक साथ अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाएगी। अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस का प्रकाशन कर अधिकतम एक सप्ताह का समय दिया गया था। लेकिन, हाइकोर्ट के आदेश को देखते हुए मंगलवार से ही अतिक्रमण ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया जाएगा।

वहीं, नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि सोमवार को एक बार अंतिम रूप से कार्रवाई की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही अतिक्रमण का सर्वे भी किया जाएगा। जिसमें पूर्व में ध्वस्त किए गए अतिक्रमण की स्थिति की पड़ताल भी होगी। यह भी देखा जाएगा कि कितने मामलों में कोर्ट का स्टे चल रहा है।

प्रेमनगर में काबिज़ अतिक्रमण की जिस अनदेखी के चलते हाईकोर्ट को अवमानना की चेतावनी देनी पड़ी, उसके लिए अलग से जोन नहीं बनाया गया है। इस भाग को चकराता रोड के जोन-दो में ही रखा गया है। इससे न सिर्फ यह जोन काफी लंबा हो गया है, बल्कि कार्यवाही पर भी इसका असर पड़ सकता है। शासन द्वारा इससे पहले चलाये गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में भी इसका सर्वाधिक विरोध प्रेमनगर में ही देखने को मिला था। यही नहिं, तमाम विधायक व नेता भी अतिक्रमण के आगे ढाल बनकर खड़े हो गए थे। इस समय भी सर्वाधिक अतिक्रमण भी यहीं किए जाते रहे।

टास्क फोर्स का दावा है कि पूर्व में चलाए गए अलग-अलग अभियान में अब तक नौ हजार से अधिक अतिक्रमण ध्वस्त किए जा चुके हैं। इन अतिक्रमण का सर्वे भी किया जाएगा, साथ ही शेष 1479 अतिक्रमण पर भी जेसीबी चलाई जाएगी। नोटिस के बाद भी जिन्होंने अपने अतिक्रमण नहीं तोड़े हैं, उनसे ध्वस्तीकरण में आने वाली लागत भी वसूल की जाएगी।

ये रहेंगे जोन:

– राजपुर रोड के दोनों छोर, राजपुर रोड व चकराता रोड में मध्य के इलाके, उपजिलाधिकारी मसूरी
-घंटाघर से लेकर चकराता रोड के दोनों छोर, सिटी मजिस्ट्रेट
-प्रिंस चौक होते हुए सहारनपुर रोड के मध्य के इलाके, अपर नगर मजिस्ट्रेट
-गांधी रोड, प्रिंस चौक होते हुए दोनों छोर, उपजिलाधिकारी सदर
-हरिद्वार रोड के दोनों छोर, उपजिलाधिकारी कालसी
-हरिद्वार रोड व राजपुर रोड के मध्य के इलाके, उपजिलाधिकारी मुख्यालय


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