उत्तराखंड : सूबे के शिक्षा मंत्री और कई विधायको की बढ़ी मुश्किलें 

उधम सिंह नगर में पुराने चक्का जाम की दो घटनाओ में शिक्षा मंत्री, पूर्व सांसद और 3 विधायको सहित 24 लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। सरकार के द्वारा इन मुकदमों को वापस लेने की सिफारिश की थी, लेकिन जिला कोर्ट ने सरकार के सिफारिश को खारिज करते हुए गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं दूसरे ओर काशीपुर में एक दलित की हत्या के मामले में चक्का जाम किया था। उस मामले को लेकर काशीपुर कोर्ट ने गिरफ्तारी वॉरन्ट जारी कर दिए हैं।

उधम सिंह नगर की तहसील जसपुर में हाइवे जाम करने के आठ साल पुराने मामले में सरकार के सिफारशी प्रार्थना पत्र को जिला कोर्ट ने खारिज करते हुए सूबे के केबिनेट मंत्री, पूर्व सांसद, तीन विधायक समेत 24 लोगों पर मुकदमा चलते रहने के आदेश जारी कर दिये हैं। निचली अदालत ने पिछले साल इन सब के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट भी जारी किए थे। इन सभी लोगों ने युवती की बरामदगी को लेकर हाइवे को जाम किया था। बता दे कि वर्ष 2012 में समुदाय विशेष का एक युवक दूसरे समुदाय की युवती को लेकर फरार हो गया था। युवती की बरामदगी को लेकर तमाम संगठनों ने प्रदर्शन किया था तथा तत्कालीन भाजपा नेता आदेश चौहान (वर्तमान में कांग्रेस विधायक), रूद्रपुर विधायक राजकुमार ठुृकराल, विधायक अरविंद पांडे जो कि वर्तमान में शिक्षा मंत्री के पद पर काबिज हैं, पूर्व सांसद बलराज पासी, विधायक हरभजन सिंह चीमा समेत कई लोगों ने प्रदर्शन कर सुभाष चौक पर हाइवे को कई घंटों के लिए जाम कर दिया था। तत्कालीन एएसपी जगतराम जोशी ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया था। साथ ही पुलिस ने हाइवे जाम करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हाइवे जाम का मामला काशीपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में विचाराधीन है। उक्त लोगों के तारीखों पर न पहुंचने के कारण कोर्ट ने सभी के गैर जमानती वारंट जारी किए थे। सरकार ने इनके मुकदमे को वापस लेने के सिफारिश की थी, लेकिन निचली अदालत ने सरकार का आदेश नहीं माना तो उक्त लोगों ने जिला कोर्ट की शरण ली थी। सोमवार को जिला कोर्ट ने सरकार द्वारा सभी लोगों की की गई सिफारिश को खारिज कर दिया है।

इनके जारी हुए थे  गैर जमानतीय वारंट

कोर्ट ने अरविंद पांडे, हरभजन सिंह चीमा,आदेश चौहान, राजकुमार ठुकराल समेत बलराज पासी, सीमा चौहान, हैप्पी, नरेंद्र मानस, रंजीत सिंह, जितेंद्र चौधरी, शीतल जोशी, अजय अग्रवाल, त्रिलोचल सिंह, रमेश कुमार, सुखवीर सिंह, महाराज सिंह, सनी,परविंद्रर सिंह,सुखवीर सिंह, राजीव कुमार, खिलेंद्र चौधरी आदि के वारंट जारी किए थे।

आपको बता दें कि सात वर्ष पूर्व सचिन उर्फ गुड्डू हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर कोतवाली गेट पर जाम लगा कर आरोपियो की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में वर्तमान शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय सहित पूर्व सांसद बलराज पासी पर मुकदमा कर दिया था। इस मामले को विचाराधीन मुकदमों एसीजेएम कोर्ट ने पूर्व सांसद बलराज पासी समेत 12 लोगों के खिलाफ गेर जमानती वारंट जारी कर दिए। इस मामले में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने अपनी जमानत करा ली थी। आपको बता दें कि 2013 में सचिन हत्या हुई थी जहां भाजपा के तमाम नेता विधायक घटनास्थल पर पहुंचे और कोतवाली में पूर्व सांसद तत्कालीन बीजीपी प्रदेश प्रवक्ता बलराज पासी सहित 12 लोगो पर मुकदमा दर्ज हुआ था। सरकार के द्वारा इन मुकदमों को वापस लेने की सिफारिश की गई थी लेकिन 12 अक्टूबर को कोर्ट ने इसे ख़ारिज करते हुए सभी की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिये हैं।

वही पूर्व सांसद बलराज पासी की माने तब उस समय कांग्रेस की सरकार थी। जसपुर में प्रदर्शन हुआ तो वहां की स्थानीय जनता ने प्रदर्शन किया था और बहुत से लोग सम्मिलित हुए उसमें जो हम लोगों को सूचना मिली और उस समय देहरादून जा रहे थे तो प्रदर्शन चल रहा था उसमें हम लोग शामिल हुए और जनहित के मामला था। कांग्रेस की सरकार के समय का एक पुराना मुकदमा है और उसमें हमारी सरकार ने वह मुकदमे बहुत से लोगों के वापस भी लिए थे जो कांग्रेस के लोगों के खिलाफ मुकदमे थे उनमें से भी कई लोगों के मुकदमे वापस लिए और यह भी मुकदमा वापस होने से किसी कारण से रह गया है न्यायालय का जो निर्णय होगा वह मान्य है। जिसमें अनेक विधायक हैं और मैं स्वयं हूं और उसमें कांग्रेस के विधायक भी हैं आदेश चौहान जी और बीजेपी के विधायक राजकुमार ठुकराल भी शामिल हैं।

काशीपुर एएसपी राजेश भट्ट ने बताया कि न्ययालय के द्वारा कुछ जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध गैर जमानती वॉरंटी जारी किए गए है जिसको लेकर पुलिस टीम बना कर सभी को न्ययालय में पेश किया जाएगा।


शेयर करें

सम्बंधित ख़बरें

टीका - टिप्पणी