उत्तराखंड ब्रेकिंग : 1 नहीं अब 2 नवंबर से खोले जाएंगे स्कूल, छात्रों के बीच 6 फ़ीट की दूरी होगी अनिवार्य

कोरोना संकट की वज़ह से विगत 7 माह से स्कूल बंद पड़े हैं। ग़ौरतलब है कि, हाल ही में त्रिवेंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में एक नवंबर से स्कूलों को खोले जाने को लेकर अहम निर्णय ले लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि, पहले चरण में सिर्फ 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खोले जाएंगे । साथ ही ये भी कहा गया कि, स्कूलों को खोलने से पहले इन्हें पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाएगा। बीते बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसको लेकर निर्णय लिया गया है।

आपको बता दें, उत्तराखंड में कोरोना काल के दौरान से जारी लॉकडाउन में लंबे समय से स्कूल बंद हैं। उत्तराखंड कि सरकार ने अभिभावकों और शिक्षकों से स्कूल खोले जाने को लेकर राय पूछी थी, जिसमें अधिकतर अभिभावकों और शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खोले जाने पर सहमति दी थी, जिसके बाद त्रिवेंद्र सरकार ने 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय कर दिया है। बाकी कक्षाओं के लिए कैबिनेट में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, बैठक में आबकारी विभाग में ट्रेक एंड ट्रेस प्रणाली लागू करने को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।

कैबिनेट बैठक में एक नवम्बर से स्कूलों को खोलने का फैसला लिया गया था। एक नवंबर को रविवार होने के कारण उत्तराखंड में 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए दो नवंबर से स्कूल खोले जाएंगे। इस दौरान कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। स्कूलों के लिए जल्द एसओपी जारी की जायेगी।

इस सम्बन्ध में सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि, स्कूलों में प्रार्थना सभाएं और खेलकूद सम्बन्धी गतिविधियां नहीं होंगी। शिक्षा सचिव ने कहा कि, स्कूलों के संबंध में जल्द ही गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी। डे और बोर्डिंग स्कूलों के लिए इसमें अलग-अलग दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए स्कूलों को सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए बच्चों को छह फीट की दूरी पर बैठाया जाएगा। इसके साथ ही दरवाजे और खिड़कियों को खुला रखा जाएगा। सभी बच्चे और शिक्षक मास्क पहनकर आएंगे। इसके अलावा अभिभावकों की अनुमति से ही बच्चे स्कूल आएंगे। यदि किसी स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक है तो वहां शिफ्ट के अनुसार बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जो बच्चे स्कूल नहीं आ पाएंगे, उनके लिए ऑनलाइन क्लास जारी रखी जायेगी।

वहीं, स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही कोविड-19 के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। स्कूल बसों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में स्कूलों की निगरानी के लिए समिति गठित की जाएगी।


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