एक बार फिर दिखी सोशल मीडिया की सकारात्मक ताकत, रोते हुए चेहरों को दी मुस्कुराहट

हरिद्वार/रूड़की : वैसे तो सोशल मीडिया की ताकत किसी से छिपी नहीं है। सोशल मीडिया की कई बिछड़ों को उनके अपनों से मिलाने में अहम भूमिका रही है। ऐसा ही मामला हरिद्वार जनपद के रुड़की शहर में देखने को मिला है जहाँ, एक बार फिर सोशल मीडिया की ताकत का नमूना सामने आया है।

बता दें, करीब डेढ़ साल पहले उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के शफीपुर गांव का एक किशोर घर वालों की डांट से बचने के लिए घर से ट्रेन में बैठकर निकला तो नानी के घर के लिए था लेकिन गलती से रूड़की पहुंच गया और अपने घर का रास्ता भटक गया था। लेकिन आज सोशल मीडिया के माध्यम से एक बार फिर वो अपने परिकजनों के बीच है. जिससे परिजनों में खुशी के लहर व्याप्त है।

दरसअल, रुड़की के ढंढेरा में लॉकडाउन लगने के बाद एक किशोर बिल्कुल अनाथ सा हो गया था। क्योंकि रुड़की उसके लिए अनजान शहर था और वह उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के शफीपुर का रहने वाला था। हुआ कुछ यूँ कि, एक दिन वह अपने गाँव के पास मोहर्रम का मेला देखने गया लेकिन मेले में उसे रात हो गई, जिस पर घर वालों की डांट से बचने के लिए वह अपनी नानी के घर जाने के लिए ट्रेन में बैठा लेकिन गलती से वह दूसरी ट्रेन में बैठ गया और ट्रेन से वह रुड़की सीधे उतर गया। जिसके बाद वह यहीं पर एक कबाड़ी के यहां काम करने लगा। उसका रहना खाना सोना सभी उसी कबाड़ी की दुकान पर ही होता था। लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद कबाड़ी वहाँ से अपना काम छोड़कर कहीं और चला गया। जिसके बाद वह किशोर एक फिर खाने-पीने के लिए मोहताज़ हो गया।

जिसके बाद ढंढेरा निवासी एक भले मानस ने इधर उधर ठोकरें खा रहे इस 13 वर्षीय लड़के को सहारा दिया और इसके खाने पीने रहने का इंतज़ाम भी किया। वहीं, वह व्यक्ति लगातार इस बच्चे के परिवार वालो की खोज में भी जुटा रहा। बस फिर एक दिन ऐसा आया कि, इनकी मेहनत अब रंग लाई और राव इमरान के भतीजे ने सोशल मीडिया के माध्यम से इनके परिजनों से संपर्क साधा। जिसके चलते आज इस बच्चे के माता, पिता और दादा रूड़की के ढंढेरा पहुंचे।

किशोर की माता की अपने बच्चे से मिलकर आँखें भर आईं और उन्होंने राव इमरान और अन्य लोगों का शुक्रिया अदा कर बताया कि, उनका बेटा तकरीबन डेढ़ साल पहले अपने घर से मेला देखने गया था जिसके बाद वो लापता हो गया था जिसकी रिपोर्ट उन्होंने संबंधित थाने में भी लिखवाई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से आज उनका बेटा उन्हें मिल पाया है जिसके लिए वे उनके शुक्रगुजार हैं जिसके बाद वो अपने बच्चे को लेकर अपने गाँव के लिए रवाना हो गए।


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