प्रदेश में आपदा के मृतकों की संख्या 43 पहुंची

प्रदेश में आपदा के मृतकों की संख्या 43 पहुंची
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देहरादून। उत्तराखंड में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश में भूस्खलन, मकान ढहने, पानी में दौड़ते करंट आदि कारणों से 37 लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है। मंगलवार को नैनीताल में सबसे ज्यादा 27, अल्मोड़ा में छह और चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। दो दिन की बारिश में प्रदेश में मृतकों की संख्या 43 पहुंच गई है। नौ लापता बताए गए हैं। उधर, गढ़वाल में मंगलवार को किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली। सोमवार को यहां तीन लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। मौसम साफ होने से अवरुद्ध मार्गों को खोलकर दिन भर चारधाम यात्रियों व अन्य फंसे लोगों को निकालने का काम दिन भर चलता रहा।
प्रलयंकारी बारिश से नैनीताल जिले में सबसे अधिक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें चौकटा में पांच, सलड़ी में सात, सुकुना में 9, बोराकोट में दो, चोपड़ा में एक, भीमताल में एक क्वारब में दो की मौत हुई है। अल्मोड़ा जिले में छह लोगों की अलग-अलग जगहों पर मलबे में दबने से मौत हुई। अल्मोड़ा जिले में आपदा की भेंट चढे़ छह लोगों में तीन लोग भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम रापड के एक ही परिवार के थे। वहीं एक महिला अल्मोड़ा चितई गांव की और एक युवती अल्मोड़ा के एनटीडी क्षेत्र की थी। अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे में भी एक महिला की मलवे में दबने से मौत हुई है। चंपावत के तेलवाड़ में भूस्खलन की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। दो लोग लापता हैं। पिथौरागढ़ जिले में भी एक व्यक्ति की मौत हुई है। रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) में रामपुर के विधायक कमलेश शुक्ला की पुत्रवधू की बारिश के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। वहीं, बाजपुर में सोमवार को बहे किसान का शव बरामद कर लिया गया है।
कोसी नदी में पानी बढ़ने से रामनगर के गर्जिया मंदिर को खतरा पैदा हो गया। पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। वहीं बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। कोसी बैराज पर कोसी नदी का जलस्तर 139000 क्यूसेक है। जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है। कोसी बैराज में खतरे का निशान 80000 क्यूसेक है।  उधर, हल्द्वानी में गोला नदी उफान पर आने से नदी पर बना अप्रोच पुल टूट गया। जिसके कारण वहां आवाजाही बंद हो गई है। टनकपुर में शारदा नदी के उफान से क्रशर मार्ग ने नाले का रूप ले लिया है। मंगलवार की सुबह गोला नदी का जलस्तर 90 हजार क्यूसेक पार हो गया। जिससे अप्रोच पुल टूट गया। सूचना पर प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों ने सड़क का जायजा लिया। नदी का जलस्तर बढ़ने से गोला बैराज को खतरा पैदा हो गया है। बारिश के कारण नाला भी उफान पर आ गया जिससे नाले के किनारे बना एक मकान बह गया। नैनीताल में भारी बारिश से कई जगह पानी भर गया है। वहीं, तल्लीताल चौराहे में (डांठ) में लगभग दो इंच की दरार पड़ गई। सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंच गए। कैंट रोड में पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण दुकानों के अंदर फंसे लोगों को सेना के जवानों ने रेस्क्यू कर निकाला। नदी के ओवरफ्लो होने से कोसी नदी का पानी रामनगर-रानीखेत मार्ग स्थित लेमन ट्री रिजॉर्ट में घुस गया था। इस दौरान लगभग 100 लोग फंस गए थे, वे सभी सुरक्षित हैं।

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