स्कूल व पढ़ने वाले बच्चे होने चाहिए शिक्षकों के शोध का केन्द्र-शैलेन्द्र कुमार

कोटद्वार। शुक्रवार से कोटद्वार में डाईट पौड़ी एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार के सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हो गया है। कार्यशाला की शुरुवात डॉ.नारायण प्रसाद उनियाल प्रवक्ता डाईट पौड़ी व प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार जगमोहन सिंह रावत के उद्बोधन से की गयी।
कार्यक्रम में सन्दर्भ व्यक्ति शैलेन्द्र कुमार ने शोध करते समय उपयोग में आने वाले टूल्स, तरीकों, विश्वसनीयता , आकड़ो का विश्लेषण, किस तरह से किया जाना चाहिये इस पर विस्तार से बात की। इस चर्चा में शिक्षक साथियों द्वारा शोध से सम्बंधित बहुत से सवालों को रखा गया जिस पर सन्दर्भ व्यक्ति द्वारा उनकी जिज्ञासाओं पर प्रतिक्रिया दी। इस सत्र के बाद डॉ.विपिन चौहान द्वारा बताया गया शिक्षकों के द्वारा किये जाने वाले शोध के केंद्र में स्कूल और उसमे पढ़ने वाले बच्चे रहने चाहिये तभी उसकी सार्थकता बढती है। शिक्षकों द्वारा किये उस शोध के बाद जो भी विश्लेषण होता है वह स्कूल और बच्चे के हित में होता है और बच्चों के अधिगम स्तर का स्तर बढाने में मदद करता है। कार्यशाला में शिक्षकों द्वारा पूर्व में किये हुए शोध के परस्पर साझा किये और शोध को सुधार के लिए विचार दिए गये। कार्यक्रम का संचालन जगदीश प्रसाद देवराडी ने किया। कार्यशाला के सन्दर्भ व्यक्ति डॉ.शैलेन्द्र कुमार सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय भत्रोजखान अल्मोड़ा और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सन्दर्भ व्यक्ति डॉ. विपिन चौहान और संजय नौटियाल रहे। कार्यशाला में मोहम्मद अहमद अंसारी, जसपाल असवाल, हर्षमणि नौडियाल, सुनील पंवार, मोनिका रावत, सरिता मेहरा, संगीता उनियाल, जसवंत बिष्ट ,मनोज कुमार, लक्ष्मी चौहान ,संजय काला, मनमोहन नेगी, अरविन्द कुमार, जयदीप, प्रवीण कुमार, आशीष नेगी, सीमा नेगी, संतोष सिंह, भगवती प्रसाद, मनोज कुमार द्विवेदी, प्रीती नैथानी, शालिनी केष्टवाल, सुरमान सिंह, मुकेश भट्ट, शशिकांत थपलियाल, राकेश कुमार कंडारी ,दीपक सिंह नेगी, प्रवीन कुमार घिल्डियाल, सतेन्द्र नेगी आदि शोधकर्ता शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।


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