प्रदेश में स्वास्थ्य के लिए दर-दर भटक रहे लोग, गंभीर नहीं सरकार, किसके भरोसे रखेंगे स्वास्थ्य का ख़्याल

देहरादून : प्रदेश को बने हुए 20 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन इन 20 सालों में आज तक स्वास्थ्य के मामले में हर सरकार संवेदनहीन नजर आई। आज भी लोगों को स्वास्थ्य के लिए दर-दर, भटकना पड़ रहा है, चंपावत के लधोन गांव में खेत में हुई महिला के प्रसव को लेकर एक बार फिर से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। अगर 108 कर्मियों ने महिला के प्रसव को सकुशल नहीं करवाया होता तो जच्चा बच्चा की जान खतरे में आ सकती थी।

इस घटना पर आप प्रवक्ता नवीन पिरसाली ने कहा,ये उत्तराखंड का दुर्भाग्य है जो इस तरह की घटनाएं सरकारों की ,स्वास्थ्य को लेकर संवेदनहीनता से होती है। एक महिला को अगर इस हालात में प्रसव कराना पड़े तो इससे ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से स्वास्थ्य को लेकर 34 बिंदुओं पर सवाल पूछे हैं।

यही नहीं उन्होंने कहा एक बार फिर इस घटना से सरकार की असलियत का पता चल गया कि पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को लेकर उनकी क्या सोच है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल को साढे 3 साल का समय बीत चुका है,लेकिन इतने समय में भी आज तक पहाड़ों में सरकार डॉक्टर और सुविधाएं नहीं दे पाई है, सरकार आज सरकारी अस्पतालों को प्राइवेट हाथों में देने की तैयारी में लगी हुई है, जिससे आम जनता पर दोहरी मार पड़ेगी।

आप प्रवक्ता ने कहा कि भारत में उत्तराखंड के अलावा कई पहाड़ी राज्य हैं लेकिन वहां लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड से बेहतर मिलती है और आसानी से मिल जाती है। यहां पिछले 20 सालों से दोनों सरकारों ने राज किया,बावजूद उसके सरकारी अस्पताल आज अपने ही हाल पर आंसू बहाने को मजबूर हैं। पहाड़ पर रहने वालों के लिए , देहरादून और हल्द्वानी ही एकमात्र सहारा है। पहाड़ों में कई अस्पतालों में, मशीनें शोपीस बनी हुई है जो बिना ऑपरेटर के किसी भी काम की नहीं है। मरीजों को अस्पताल से बैरंग लौटना पड़ता है। जनता से सरकार टैक्स वसूलना तो अच्छे से जानती है लेकिन जब सुविधाएं देने की बात आती है तो बजट सरकार के आड़े आ जाता है।

आप प्रवक्ता ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब और ज्यादा भ्रम में जीने वाली नहीं है ,क्योंकि जनता दोनों ही पार्टियों की राजनीति समझ चुकी है, जो स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा के नाम पर पिछले 20 सालों से लोगों को छलती आई है। आगामी 2022 के चुनाव में जनता इन दोनों ही दलों को जवाब देगी और अगर प्रदेश में आप पार्टी की सरकार बनती है तो प्रदेश में भी दिल्ली की तर्ज पर लोगों को आप की सरकार हर सुविधाएं मुहैया कराएगी ।


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