NPS कर्मियों ने जलाई नई पेंशन योजना की होलिका

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत के दिशा निर्देश में सम्पूर्ण भारत के nps कर्मियों ने Nps के काले कानून की होली जलाई। कर्मियों ने सरकार को सन्देश दिया कि जिस प्रकार से गलत उद्देश्यों के साथ प्रह्लाद को लेकर बैठी होलिका आग में जलकर भस्म हो गयी थी ठीक उसी प्रकार से गलत भावना के साथ प्रारम्भ की गई nps योजना को क्रांति की आग में भस्म किया जाएगा ।

मोर्चा के महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि सरकारी कर्मचारी वर्षों तक दिन-रात देश की सेवा में जुटा रहता है परंतु सेवानिवृत्ति के बाद उसे नाम मात्र की धनराशि वाली पेंशन पकड़ा दी जाती है जिसमें एक हफ्ते का गुजारा भी होना संभव नहीं है इस नई पेंशन योजना में यदि इतनी ही खुशियां हैं तो विधान सभा के एक सत्र में 120 फीसदी अपना वेतन, भत्ते और पेंशन बढ़वाने वाले नेता इसे स्वयं ले ले और पुरानी पेंशन दे दे। मोर्चे के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीसी पासबोला ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते रखते थक चुके हैं संभव है कि सरकारी उदासीनता से क्रांति का कोई ज्वालामुखी फटेगा। जिसका गुबार आने वाले समय मे सियासी आसमान में देखने को मिलेगा।

कुमाऊं मंडल अध्यक्ष कपिल पांडे ने कहा कि गत वर्ष से लगातार नई पेंशन आच्छादित कर्मी पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर प्रयासरत हैं परंतु सरकार के कान में जूं नहीं रेंग रही संभवत इसके भयावह परिणाम आने वाली महू में देखने को मिलेंगे। मोर्चे के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र बिष्ट ने कहा की प्रदेश के समस्त एनपीएस कर्मियों ने प्रत्येक तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की है परंतु लगातार इस बात को अनसुना किया जा रहा है। तो अब गंभीर परिणाम भी भुगतने की बारी है। जब हमारा भविष्य सुरक्षित नही तो नीति नियंताओं का भी क्यो हो।

जिला रुद्रप्रयाग से महासचिव अंकुश नौटियाल ने कहा की सरकारें आती-जाती रहेंगी परंतु कर्मचारी सदैव बने रहेंगे लगातार देश की सेवा करने के बाद यदि नई पेंशन में भूखे ही मरना है तो क्यों ना एक मजबूत संदेश देकर कर्मचारियों की मांगों पर कान बंद कर बंद कर लेने वाली सरकार को मजबूत जवाब दिया जाए। रुद्रप्रयाग जिला अध्यक्ष अंकित राठौर ने कहा होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का परिचायक है गलत उद्देश्यों के साथ क्यों की गई प्रयोग की गई शक्ति को भी ईश्वर का साथ नहीं मिलता है यह हमें होलिका दहन से सीखने को मिला है इसीलिए संसद में बैठकर अपनी शक्ति का गलत प्रयोग कर कर कर्मचारियों के अहित में जिस नई पेंशन योजना को लागू किया गया था उसमें भी सरकार को कर्मचारियों का साथ नहीं मिलने वाला है अतः शीघ्र सरकार से निवेदन है कि वह पुरानी पेंशन की बहाली कर सभी कर्मचारियों को और उनके परिवारों को सुरक्षा प्रदान करे।

प्रांतीय संगठन मंत्री रंजन कपाड़िया ने कहा कि लगातार संयुक्त मोर्चे ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए विभिन्न तरीकों से सरकार तक बात पहुंचाने की कोशिश की है इसी का परिणाम है कि प्रदेश के हजारों कर्मचारी संयुक्त मोर्चा से जुड़ चुके हैं और उन्हें आशा है कि सरकार पुरानी पेंशन की बहाली कर कर्मचारियों को नई पेंशन के दंश से मुक्ति देगी।

हरिद्वार से गणेश चंद्र लखेरा ने कहा कि कि आज होलिका के जरिए कर्मचारियों ने इस काले कानून की प्रतियां जलाई हैं संभवत यह आग कर्मचारियों की बात ना सुनने वाले राजनेताओं को अपनी चपेट में लेगी।

सभी nps कर्मियों ने होली के साथ NPS के आदेश की प्रतियों का भी दहन कर नारेबाजी की। मोर्चे के नेतृत्व में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को तेजी दी जा रही है मोरसहे के पदाधिकारियों का कहना है हमारी मात्र एक मांग है और सरकार यदि इसे पूरा करती है तो हम सदैव सरकार के आभारी रहेंगे।


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