रक्तदान महादान में मातृशक्ति का भी अमूल्य योगदान योग शिक्षिका रेखा नेगी पांच बार कर चुकी है रक्तदान

कोटद्वार। रक्तदान महादान के श्लोगन को चरितार्थ करने में मातृशक्ति भी पुरूष समाज से कम नहीं है, अभी तक कोटद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले रक्तदान शिविरों में पुरूषों की भांति मातृशक्ति ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता का निर्वहन करते हुए रक्तदान किया है। इसके अलावा भी बेस हास्पिटल में गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को रक्तदान करने में कई महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

गौरतलब है कि भारतीय समाज में अक्सर महिलाओं को रक्तदान शिविरों में रक्तदान करते हुए बहुत कम देखा गया है, लेकिन वर्तमान में कोटद्वार एवं आसपास के क्षेत्र में विगत कई दिनों से लग रहे रक्त शिविरो में महिला रक्तदाताओं ने आगे बढकर नि:शुल्क रक्तदान करते हुए अपने मानव धर्म का बखूबी निर्वहन करते हुए रक्तदान की महत्ता को और बढ़ा दिया है।

हालांकि कोई भी स्वस्थ्य मनुष्य चाहे वह पुरूष हो या महिला हो हर तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है, रक्तदान करने से मानव शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है, बल्कि रक्तदान करने से शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन और ज्यादा बेहतर होने की बात कही गयी है।

कोटद्वार क्षेत्र में रक्तदान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे समाज सेवी एवं रक्तदाता समूह के संचालक दलजीत सिंह ने कहा कि वर्तमान में कोटद्वार सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है, कहा कि पहले गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को यदि रक्त की जरूरत पड़ती थी तो वह बिजनौर, देहरादून या फिर मेरठ जाने के लिए मजबूर होता था, लेकिन लोगो में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से अब स्थानीय स्तर पर गंभीर बीमारी के ग्रसित व्यक्ति के लिए रक्त उपलब्ध हो जाता है।

उन्होंने कहा कि अब तो महिलाऐं भी रक्तदान करने के लिए बड़ी संख्या में आगे आकर लोगों का जीवन बचा कर अपने मानव धर्म का बखूबी निर्वहन कर रही है।

समाज सेवी दलजीत सिंह ने कहा योग शिक्षिका श्रीमती रेखा नेगी अभी तक पांच बार रक्तदान कर चुकी है, इसी प्रकार से अन्य महिलाओं ने भी निरंतर रक्तदान कर रही है।


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