कण्वनगरी कोटद्वार में खुले महर्षि कण्व विश्वविद्यालय

कोटद्वार। साहित्याँचल संस्था की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में होली की पूर्व सन्ध्या पर 27 मार्च को अपराह्न 4 बजे व्यापार मण्डल सभागार में काव्यगोष्ठी आयोजित करने के साथ-साथ कई अन्य प्रस्तावों सहित कण्वनगरी कोटद्वार में महर्षि कण्व विश्वविद्यालय खुलवाने विषयक संकल्प पारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि 1994 में उत्तराखण्ड आन्दोलन का प्रमुख केन्द्र रहे कोटद्वार को राज्य गठन से लेकर आज तक वांछित उपलब्धि लगभग शून्य ही है, जबकि अन्य शहरों को कुछ न कुछ उपलब्धि अवश्य हुई। संस्था संरक्षक डॉ0 नन्दकिशोर ढौण्डियाल’अरुण’ द्वारा प्रस्तुत महर्षि कण्व विश्वविद्यालय विषयक संकल्प सर्वसम्मति से पारित करते हुए क्षेत्रीय विधायक एवं काबीना मन्त्री डॉ. हरक सिंह रावत जी* के माध्यम से साहित्याँचल के सदस्य रहे केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ , मुख्यमन्त्री उत्तराखण्ड सरकार तीरथ सिंह रावत एवं उच्च शिक्षा मन्त्री डॉ. धनसिंह रावत को प्रेषित संकल्प पत्र में विधानसभा चुनाव 2022 से पूर्व इसी एक वर्ष में कोटद्वार को महर्षि कण्व विश्वविद्यालय की सौगात देने का आग्रह किया गया है। संस्थाध्यक्ष जनार्दन बुड़ाकोटी की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यकारिणी की बैठक में संरक्षक चक्रधर शर्मा ‘कमलेश’, उपाध्यक्ष हरिसिंह भण्डारी, महिला उपाध्यक्षा श्रीमती मोहिनी नौटियाल, महासचिव मयंक प्रकाश कोठारी ‘भारतीय’, कोषाध्यक्ष जेपी भारद्वाज, संगणक बलवीर सिंह रावत, सहसचिव दिनेश ध्यानी, ऋषि कण्डवाल एवं शशिभूषण अमोली उपस्थित रहे।


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