कोटद्वार : युवक हुआ साइबर ठगी का शिकार, उड़ाये चार लाख तीस हज़ार

कोटद्वार : साइबर क्राइम से जुड़े मामले अब उत्तराखंड में भी देखने को मिल रहे हैं। कहीं दूसरे राज्य में बैठे साइबर क्राइम से जुड़े लोगों द्वारा आये दिन भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर ऑनलाइन ठगी जैसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।

मालूम हो कि, अभी हाल ही में देहरादून समेत उत्तराखंड में कई लोग साइबर ठगी की भेंट चढ़ चुके हैं। इस बीच एक ताजा मामला कोटद्वार से सामने आया है जहां कस्टमर केयर का कर्मचारी बनकर एक युवक के खाते से 4 लाख 30 हजार रूपये निकाल लिए। जब इस बात जानकारी युवक को हुई तो उसकी आँखों के आगे अँधेरा छा गया। इसके बाद युवक पुलिस के पास पहुंचा और उसके साथ हुई अज्ञात ठगी के सम्बन्ध में शिकायत दर्ज़ की। जिक्से बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही शुरु कर दी है। पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि, उसने गूगल पर गूगल पे का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया था औऱ जो नंबर गूगल पर आए उनपर फोन कॉल किया था।

वहीं, इस मामले पर कोटद्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया है कि, बीते शनिवार देर शाम पंकज नेगी पुत्र गजपाल सिंह नेगी ग्राम ऐता दुगड्डा निवासी ने तहरीर देते हुए बताया कि, वह एलआईसी का एजेन्ट है। एलआईसी की धनराशि को पॉलिसी धारकों से जमा करता है।

पंकज नेगी ने पुलिस को बताया कि, विगत 1अक्टूबर को उन्होंने अपने एसबीआई खाते से एलआईसी में गूगल पे ऐप के जरिये 1601 रूपये जमा किये थे, जो कि उनके खाते से कट गये थे। लेकिन एलआईसी में जमा नहीं हुए थे। युवक ने आगे बताया कि, उसने गूगल पर गूगल पे के कस्टमर केयर नंबर सर्च किया और नंबर पर बात की। वहीं फोन उठाने वाले ने उसे एक ऐप खोलने को कहा और बताया कि उसका पैसा खाते में आ जायेगा, लेकिन उसके खाते में पैसे नहीं आए।

कोतवाल ने बताया कि पंकज नेगी के उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक और भारतीय स्टेट बैंक का खाता भी गूगल पे पर उसी नंबर पर लिंक थे। नतीज़न, पंकज नेगी के एक खाते से 80 हजार रूपये और दूसरे खाते से 3 लाख 50 हजार रूपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा फर्जी गूगल पे कस्टमर केयर बनकर ठग लिए गए। वहीं, कोतवाल ने बताया कि, पीड़ित युवक की तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 66(सी)/66(डी) आईटी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

आपसे भी निवेदन है कि अनायास ही किसी पर आंख मूंदकर विश्वास न करें, ये बात खुद भी जान लें और अपने आसपास जो पैसे के ऑनलाइन ट्रांसफर से जुड़े ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं उन्हें भी समझाएं कि, कभी भी भूलवश गूगल पर दिए गए नंबर पर कॉल न करें और न ही अपने खाते से जुडी निजी जानकारी किसी को बताएं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, बैंक कभी भी किसी खातेधारक से उसकी निजी जानकारी नहीं मांगता, बस आपको इतना ही समझने की जरूरत है।


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