व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व भूखंडों पर टैक्स को लेकर सैकडो आपत्तियां दर्ज………

कोटद्वार। प्रदेश सरकार के द्वारा नगर निगम क्षेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं भूखंडों पर टैक्स को लेकर अब लोगों ने जागरूकता दिखानी शुरू कर दी है, अभी तक सैकड़ों लोगों ने प्रदेश सरकार के द्वारा जारी टैक्स को लेकर अनंतिम विज्ञप्ति के विरोध में नगर निगम कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज करवा दी है।
गौरतलब है कि प्रदेश में सत्तासीन भाजपा सरकार ने नगर निगम में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं खाली जमीनों पर टैक्स लगाये जाने को लेकर विगत 22 अक्टूबर 2020 को समाचार पत्रों के माध्यम से अनंतिम सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कर दी थी, जिसमें लोगों को आपत्ति दर्ज करवाने को लेकर एक माह का समय दिया गया है, हालांकि शुरूआती दौर में टैक्स को लेकर लोग इतने जागरूक नहीं थे, लेकिन पूर्व काबीना मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने अपनी जन सहभागिता की भूमिका का बखूबी निर्वहन करते हुए पूरे कोटद्वार भाबर में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूरक करने का प्रयास किया गया, जगह-जगह लोगों को प्रदेश सरकार के द्वारा व्यावसायिक एवं भूखंडों पर लगने वाले टैक्स के विरोध में नगर निगम कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज करने की अपील की गयी। हालांकि प्रदेश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के कुछ ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए लोगों को गुमराह करने का भी प्रयास किया, जिससे लोगों में ऊहापोह की स्थिति बन गयी, हालांकि अब लोगों को समझ में आ गया है कि जब तक नगर निगम कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज नहीं होगी, तब तक टैक्स लगाने के आदेश को निरस्त नहीं किया जा सकता है। इससे पहले टैक्स के विरोध में महापौर श्रीमती हेमलता नेगी ने अपना रूख पहले ही स्पष्ट करते हुए पार्षदों के सहयोग से बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार को भेज दिया था। लेकिन बोर्ड के विरोध प्रस्ताव के बाद भी प्रदेश सरकार ने जबरदस्ती नगर निगम प्रशासन पर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं भूखंडों पर टैक्स लगाये जाने का फरमान जारी कर दिया है।


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