डीएम ने ली राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक

पौड़ी। जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने विकास भवन सभागार, पौड़ी में राजस्व की स्टाफ समीक्षा बैठक ली। उपस्थित सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को अपने क्षेत्राधिकार में न्यायिक लंम्बित वादों को तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिये। कोर्ट संचालन में समुचित व्यवस्था को दूरस्त रखने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। क्रमवार जनपद के सभी तहसीलों की समीक्षा करते हुए कार्यों की अद्यतन कार्य प्रगति की जानकारी ली। कोटद्वार के कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। साथ ही उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि माह में दो बार अमीनों के साथ वसूली आदि कार्य को लेकर समीक्षा बैठक लेगें व रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वहीं तहसीलदार एव ंनायब तहसीलदार को प्रत्येक दिन वसूली की समीक्षा करने के निर्देश दिये। अपने दायित्वों को गम्भीरता से लेते हुए कार्यो को संपादित करना सुनिश्चित करेंगे। कहा कि तहसीलों में पहुंच कर कार्यो की निरीक्षण की जायेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जनपद की विभिन्न मदों से होने वाली आय, कर वसूली, ऋण वसूली तथा विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लम्बित वादों के निस्तारण की जानकारी लेते हुए तेजी से निस्तारण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। नगरपालिका क्षेत्र पौड़ी में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम राजस्व एकत्रित होने पर नाराजगी जताई तथा संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद क्षेत्रान्तर्गत सभी नगरपालिका/नगर पंचायतों से कर संग्रहण की रिपोर्ट लेकर प्रस्तुत करें। आंकड़े सही-सही उपलब्ध न कराने के कारण अधिशासी अधिकारी नगरपालिका पौड़ी का स्पष्टीकरण तलब किया गया। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि डाटा डायरी व डेली डायरी अपडेट कर समय समय पर अपने कार्यों का अवलोकन कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी डा0 जोगदण्डे ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार व नगर पालिका के संबंधित को निर्देशित किया कि वसूली हेतु विशेष अभियान चलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिये कि नगरपालिका क्षेत्रान्तर्गत दुकानों एवं पार्किंग से होने वाली आय के सही आंकड़े उपलब्ध करायें। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह संयुक्त रूप से टीम बनाकर खाद्यान गोदामों एवं पेट्रोल पम्पों का निरीक्षण करें और आगामी बैठक में उसका विवरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। वहीं समस्त उपजिलाधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत कम से कम 05 गोदाम एवं 01 पेट्रोल पम्प का आवश्यक रूप से निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वसूली के संबंध में 15 दिन में एक बैठक आवश्यक रूप से करना सुनिश्चित करें। कहा कि तहसीलदार वसूली की प्रक्रिया तथा प्रारूप की समीक्षा करेंगे। कहा कि राजस्व न्यायालयों में लम्बित वादों का भलि-भांति जांच कर शीघ्र निस्तारण करना सुनिश्चित करें। अपर जिलाधिकारी डा. एस.के.बरनवाल ने राजस्व विभाग की पटलवार कार्य प्रगति की जानकारी देते हुए विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत दर्ज मामलों से अवगत कराया। वहीं अभियोजन वाद, आबकारी अधिनियम, जमानत आवेदन सत्र न्यायालय, राजस्व पुलिस, विवादित-अविवादित मामले, राजस्व पुलिस, भूराजस्व वसूली, सहकारिता, राजस्ववाद, व्यापार कर वसूली आदि में की गई वसूली की भी जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, नगर आयुक्त कोटद्वार पी.एल. शाह, उपजिलाधिकारी एस.एस. राणा, मनीष कुमार, अपर्णा ढौंडियाल, जितेन्द्र कुमार, डीएसओ के.एस. कोहली, जिला आबकारी अधिकारी राजेन्द्र लाल, तहसीलदार एच.एम. खण्डूड़ी, विकास अवस्थी, सुधा डोबाल, सुनील राज, रविन्द्र सिह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ए.के.रतूड़ी सहित उपनिबन्धक, नायब तहसीलदार रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार तथा राजस्व से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


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