तकनीकी में बदलाव ने शिक्षण को चुनौतीपूर्ण बनाया – डा. घनशाला

प्रकाश चंद्र बर्थवाल

देहरादून, 25 सितम्बर: ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष और प्रसिद्ध शिक्षाविद् प्रो. (डा.) कमल घनशाला ने कहा कि टीचिंग और लर्निंग चुनौतीपूर्ण कार्य है और तकनीकी क्षेत्र मे आ रहे बदलावों ने इसे और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। डा. घनशाला ग्राफिक एरा के ऑनलाइन इंट्रोडक्शन प्रोग्राम के 10वें दिन छात्र-छात्राओं को वेबीनार के जरिए सम्बोधित कर रहे थे।

डा. घनशाला ने कहा कि आज टेक्नोलाॅजी में तेजी से बदलाव आ रहा है ऐसे में जरूरी है कि शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी अपने आप को अपडेटेड रखें। सफल होने के लिए जरूरी है कि हमें अपनी कमियों का पता हो तभी उन्हें सुधारा जा सकता है।

डा. घनशाला ने नए छात्र-छात्राओं को प्रेजेण्टेशन के माध्यम से ग्राफिक एरा के 27 सालों के सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा आज देश की टाॅप 100 युनिवर्सिटी की सूची में शामिल है और 20,000 से ज्यादा एल्युमिनाई देश-विदेश की टाॅप कम्पनियों में उच्च पदों पर काम कर रहे हैं।

डा. घनशाला ने अपने 52 मिनट के प्रेेजेण्टेशन में ग्राफिक एरा की उपलब्धियों के साथ नई योजनाओं और प्रोजेक्ट्स पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष की शुरूआत में ग्राफिक एरा चिकित्सा क्षेत्र में लोगों की आवश्यकताएं पूरी करने लगेगा।

डा. घनशाला ने कहा कि दुनिया की नई से नई टेक्नोलाॅजी अपनाने और विश्व के बेहतरीन विश्वविद्यालयों और कोरपोरेट में दीर्घ अनुभव रखने वाली फेकल्टी एवं प्रतियोगी माहौल ने ग्राफिक एरा के बीटेक के छात्रों को 55 लाख रूपये वार्षिक पैकेज तक पहुँचा दिया। देश के सबसे बड़े प्रबन्धन संस्थान आईआईएम अहमदाबाद तक ग्राफिक एरा के छात्र को प्रवेश मिलना ग्राफिक एरा की शिक्षा के उच्च स्तर के प्रमाण हैं। इसी तरह आईआईएससी बंगलुरू, आईआईटी मुम्बई, आईएमए जैसे संस्थानों में ग्राफिक एरा के छात्रों को प्रवेश मिला है।

ग्राफिक एरा केवल उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के जरिए बेहतरीन प्रोफेशनल्स ही नहीं बनाता बल्कि बेहतरीन इंसान भी बनाता है। देश और समाज के सुख-दुख से छात्र-छात्राओं को जोड़ने के लिए कोरोना और आपदा के हर दौर में ग्राफिक एरा मदद के लिए खुद आगे आता है।

कोरोना काल में किसी को भूखा ना रहने देने के अभियान के तहत ग्राफिक एरा ने 45 टन से ज्यादा खाद्यान्न, दाल, तेल, मसालों का वितरण किया। इसके साथ ही सेना, पुलिस प्रशासन को कोरोना वारियर्स की मदद के लिए बड़े पैमाने पर मास्क बना कर दिए गए। सेनिटाइजर और फेस शिल्ड्स भी पुलिस को दी गई। ऑनलाइन इंट्रोडक्शन के दौरान डा. घनशाला ने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए।


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