यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर व रेलवे स्टेशन से कोविड जांच टीमों को हटा भेजा जा रहा पाबंद कॉलोनियों में

उत्तराखंड में सैलानियों को कोरोना जांच न कराने एवं क्वारंटाइन रहने की प्रकिया को खत्म करने के बाद कोरोना जांच में लापरवाही दिखाई दे है। आपको बता दें, आशारोड़ी एवं रेलवे स्टेशन पर 3 दिनों से एक भी जांच नहीं हुई है। यहां पर कार्यरत कर्मचारियों को विभाग अब सील कॉलोनियों में भेजने की तैयारी कर रहा है, ताकि यहां पर कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।

सीमाओं पर कोरोना जांच में कमी के कारण अब कोरोना मामलों में कमी दिखाई दी है। जहां रोजाना जिले में 1500 के आसपास जांच हो रही थी, अब 1100 से 1200 जांच हो रही हैं। रविवार को तो जांच 1000 से नीचे पहुंच गई। केवल 960 लोगों की ही जांच कराई गई। धर्मावाला में जहां पहले 70 से 80 सैंपल लिये जा रहे थे, अब वहीं केवल 4 लोगों की कोरोना जांच ही रविवार को हुई। इसके अलावा आशारोडी एवं रेलवे स्टेशन पर भी यही स्थिति बनी हुई थी। पिछले 3 दिनों से रेलवे स्टेशन पर टीमें जा रही है, लेकिन एक भी जांच नहीं हो पा रही है। इसकी वजह थर्मल स्क्रीनिंग में किसी में लक्षण नहीं दिखाई देने एवं अनिवार्यता खत्म कर देना है।

रायपुर स्टेडियम एवं कोरोनेशन अस्पताल में एंटीजन की संख्या बढ़ाई जा रही है। जिला नोडल अधिकारी डा. दिनेश चौहान कहते है कि पाबंद कॉलोनियों में जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है। यहां पर मोबाइल वेन भेजकर सीमाओं पर लगी टीमों को यहां पर लगाया जाएगा। सीमाओं पर थर्मल स्क्रीनिंग कर प्रवेश दिया जा रही है। लक्षण दिखाई देने पर जांच कराई जाती है। लक्षण दिखने वालों को अस्पताल या कोविड केयर सेंटर में लाकर पूर्व की तरह भी जांच कराई जा सकती है।


शेयर करें

सम्बंधित ख़बरें

टीका - टिप्पणी