त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण और देहरादून पर खेला मास्टर स्ट्रोक दाव

लोक संहिता प्रतिनिधि
देहरादून। गैरसैंण और देहरादून के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ने खेला मास्टर स्ट्रोक का दाव। उनके इस कदम से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। इन दोनों ही मुद्दों को लेकर सियासी खींचतान बढ़ना तय है। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अब ज्यादा वक्त शेष नहीं है।
सत्तारूढ़ भाजपा, प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत तमाम सियासी दल चुनाव को लेकर तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में पहले गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा और अब देहरादून को राजधानी बताकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। इस साल विधानसभा के पहले और बजट सत्र को गैरसैंण में आहूत करने के दौरान गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा कर मुख्यमंत्री ने सबको चौंका दिया था। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस सरकार के इस कदम से भौंचक रह गई थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह को कहना पड़ा कि कांग्रेस की सरकार बनी तो गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाएगा। इस बीच कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते आठ महीने से चुप बैठी भाजपा सरकार भी हरकत में आ गई है। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने जिसतरह से फैसलों को लेकर सक्रियता बढ़ाई है, उससे विपक्षी दलों में भी बेचैनी साफ देखी जा रही है। उन्होंने गैरसैंण के साथ ही देहरादून के मुद्दे पर यह साफ करने की कोशिश की कि प्रचंड बहुमत की सरकार इस मुद्दे को ढुलमुल छोड़ने नहीं जा रही है।


शेयर करें

सम्बंधित ख़बरें

टीका - टिप्पणी