आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लंबित पड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से की मुलाकात

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लंबित पड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से की मुलाकात

थलीसैंण। आंगनवाड़ी कार्यकत्र्री, सेविका मिनी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने रविवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की जिसमें उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लंबित पड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। साथ ही गणेश जोशी से मुलाकात कर सरकार के सामने अपने पक्ष को रखने को कहा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री को सौपे हुए ज्ञापन में आंगनवाड़ी कार्यकत्र्री, सेविका मिनी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री पद पर सुशोभित होने पर शुभकामनाएं देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विगत कई वर्षों से अपनी मांगों के लिए सरकार से निवेदन करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा झूठे आश्वासन अलावा अभी तक कुछ भी नहीं है। उन्होंने ज्ञापन में मुख्यमंत्री से आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को काम के बदले उचित दाम दिया जाने और उनका मानदेय न्यूनतम मजदूरी को देखते हुए 600 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 18000 किया जाने, मिनी कार्यकर्ताओं को समान कार्य के लिए सम्मान मानदेय दिया जाने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से संगठन की सहायिकाओं के मानदेय में 75 रूपये प्रति बढ़ोतरी की अपील की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुरानी कार्यकत्रियों के उम्र में संशोधन करते हुए उन्हें पदोन्नति में सहयोग करते हुए आयु सीमा को हटाने का आदेश जारी करने के साथ ही सहायिकाओं को उसी केन्द्र में पदोन्नति करने पर प्रथम वरीयता दी जाने का जीओ जारी करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने सभी कार्यकत्रियों की मानदेय में अतिरिक्त बढ़ोत्तरी कर उनको पारितोषिक दिया जाने की मांग की है। साथ ही कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केन्द्र से परियोजना में महीने में दो से तीन बार बुलाया जाता है और विभागीय सामान को केन्द्र तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका द्वारा ढ़ोया जाता है। इन परिस्थितियों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का इतने कम मानदेय में परियोजना में जाने के लिए असमर्थ है जिस कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर बार बुलाते जाने पर यात्रा भत्ता तत्काल दिया जाय। उन्होंने मुख्यमंत्री से आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के लिए हर विभाग के कार्य को करने के लिए उस विभाग से उचित मानदेय निर्धारित कर हमे दिया जाने की मांग की जिससे प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने आर्थिक स्थिति के मजबूत होने पर क्षेत्रीय कार्यों को भली भांति कर सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से आंगनबाड़ी केंद्रों में केवल क्षेत्रीय माता समिति ही पोषाहार वितरण करने की मांग की है जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय माता समिति अध्यक्ष की होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में विभाग कार्य करने के लिए विभाग द्वारा मानदेय निश्चित किया जाता है लेकिन कार्य का निर्धारित मानदेय पहले तो समय पर नहीं मिलता जिससे की कार्यकर्ता अपनी जेब से कार्य का बखूबी निर्वहन करता है लेकिन फिर भी विभाग द्वारा उस धन राशि का कोई पता नहीं चलता। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के विभागीय कार्य करने के लिए पहले उनके खातों में धनराशि मुहैया कराई जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले दीपावली बोनस दिया जाता था लेकिन पिछले कुछ वर्षों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई भी बोनस नहीं दिया गया है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री स आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए यूनिफॉर्म का कोड बता कर उनके खातों में धनराशि मुहैया कराई जाने की भी मांग की जिससे प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी यूनिफॉर्म को अच्छी क्वालिटी की खरीद सके। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा अपनी मांगों को लेकर वर्तमान सरकार से हम लोगों ने 60 दिन तक धरना प्रदर्शन किया जिसमें मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा द्वारा धरना समाप्त कराया गया था और आश्वासन दिया गया था कि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का मानदेय नहीं क टेगा, लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारियों के बीच सही तालमेल न होने के कारण अभी तक उनका मानदेय नहीं मिला है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का मानदेय दिलाने और भवन किराया देने की भी मांग की है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रेखा नेगी, प्रदेश महामंत्री श्रीमती सुमति थपलियाल, जिला अध्यक्ष हरिद्वार श्रीमती उमेश धीमान, ब्लॉक अध्यक्ष भगवानपुर श्रीमती लता वर्मा उपस्थिति रही।

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