चार सालों से गरीबों को नहीं मिली छत की छांव

हैदरगढ़ : चार वर्षों से दर्जनों लोहिया आवास अधूरे पड़े हुए है जो इतने अधिक समय के बाद भी पूर्ण नहीं हो सके है। लाभार्थियों के मुताबिक ग्राम प्रधान ने अधिकारियों की मिलीभगत से आवास के लिए आया पैसा निकलवाकर हड़प लिया है। किसी आवास में छत नहीं है तो किसी में प्लास्टर दरवाजा रसोईघर शौचालय आदि नहीं है। इससे पूर्व लाभार्थियों द्वारा कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है। जस के तस लोहिया आवास आज भी यहाँ के अधूरे पड़े है।

जानकारी के मुताबिक स्थानीय विकास खण्ड की ग्राम पंचायत चकौरा के टड़िया का पुरवा व इच्छा का पुरवा गांव में वित्तीय वर्ष 2016-17 में 32 लोहिया आवास आवंटित हुए थे जो शुरू में ही आधे अधूरे बनाकर छोड़ दिए गये। टड़िया का पुरवा गांव की रहने वाली लाभार्थी राधा पत्नी राधे ने बताया कि चार वर्ष पहले हमें लोहिया आवास मिला था पहली किस्त में हमने दीवारें खड़ी कर दी थी और बाद में प्रधान ने दूसरे के खाते में बैंक से पैसा ट्रासफर करवा दिया कहा था कि मौरंग गिट्टी सरिया सब आपको ये भेजेंगे लेकिन कुछ नहीं भेजा प्रधान से हमने कई बार कहा लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया जिसकी वजह से हमारा आवास पूर्ण नहीं हो सका। इसी गांव की रहने वाली फूल कला पत्नी गिरधारी, धननाजा पत्नी स्वर्गीय श्याम लाल, गुलाबा पत्नी राम अवतार, बुधना पत्नी राम केतार सहित आधा दर्जन से अधिक लाभार्थियों के आवास अधूरे है अधिकतर आवासों में छत तक नहीं है। इच्छा का पुरवा गांव में भी करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों के आवास अधूरे पड़े है।

आवंटित 32 लोहिया आवासों में अधितर आवास चार वर्ष का समय व्यतीत होने के बाद भी अधूरे है। लाभार्थियों की माने तो प्रधान ने ठेकदारी से आवास बनाने का झांसा देकर लाभार्थियों से पैसा दूसरे को दिलवाकर हड़प लिया है। लाभार्थियों द्वारा अधिकारियों से शिकायत के बाद भी इन लोगों के आवास पूर्ण नहीं हो सके है अभी भी इन लोगों को आस है कि हमारे पूर्ण होंगे।


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