मुख्तार अंसारी के बाद प्रयागराज में माफिया बच्चा पासी का घर गिराया

प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के खिलाफ जारी अभियान के क्रम में शनिवार को माफिया और गैंग लीडर बच्चा पासी का घर गिरा दिया। बच्चा पासी के खिलाफ कई मुकदमें भी दर्ज हैं। धूमनगंज थानाक्षेत्र के सुलेम सराय रमन का पुरवा में माफिया बच्चा पासी के घर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रही। शुक्रवार को पीडीए ने झूंसी में शूटर राजेश यादव का घर ढहा दिया था। पूर्व सांसद अतीक अहमद और गुर्गों के निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई भी पीडीए कर चुका है। कार्रवाई से पहले प्रशासन ने बच्चा पासी को गैंग लीडर घोषित किया था जिसके खिलाफ उसने शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

छोटा राजन के नाम पर बच्चा पासी बना कुख्यात

16 अक्टूबर 2006 को मुंबई में कचहरी परिसर में वकील की हत्या के बाद कुख्यात हुआ बच्चा पासी अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के लिए काम करने लगा। शुरुआत में तो खान मुबारक गैंग के साथ दोस्ती निभाई लेकिन इसके बाद जरायम की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। कचहरी डाकघर में लूट, ओसामा की हत्या और फकीरा मर्डर केस में बच्चा पासी के मुख्य भूमिका निभाने का आरोप लगा था।

मुंबई में वकील की हत्या

रम्मन का पुरवा निवासी शातिर अपराधी बच्चा पासी के खिलाफ गैंग रजिस्टर्ड होने के बाद उसने हाईकोर्ट में पुलिस की इस कार्रवाई को चुनौती दी है। उस रिपोर्ट के मुताबिक बच्चा पासी के खिलाफ हत्या समेत कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें 13 में वह कोर्ट से बरी हो चुका है। दो बार पार्षद का चुनाव जीत चुका है। बच्चा पासी को पहली बार मुंबई क्राइम ब्रांच ने काला घोड़ा शूटआउट केस में गिरफ्तार किया था। कचहरी के सामने दिनदहाड़े डाकघर में हुई लूट में भी उसका नाम सामने आया। लूट में एक अपराधी मौके पर ही पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। धीरे-धीरे बच्चा पासी ने अपने इलाके में दबदबा जमाया और जरायम की दुनिया में तेजी से नाम कमाया।

एक करोड़ की फिरौती वसूलने का आरोप

कुछ साल पहले बच्चा पासी गैंग से ही जुड़े ओसामा की घूरपुर में लाश मिली थी। जौनपुर निवासी ओसामा के बारे में कहा जा रहा था कि वह दाऊद का मुखबिर हो गया था, जिसे रास्ते से हटाने के लिए एक करोड़ की फिरौती दी गई थी। उस वक्त एसओजी ने खुलासा किया था कि बच्चा पासी ने ही सीएमपी डिग्री कॉलेज के छात्र नेता अंशु पासी की मदद से ओसामा की हत्या कराई थी। हालांकि इस मर्डर केस में सभी आरोपी कोर्ट से बरी हो गए थे। कुछ साल पहले धूमनगंज में फकीरा की हत्या हुई थी। बाइक सवार हमलावरों ने फकीरा को 9 एमएम की पिस्टल से गोलियों से छलनी कर दिया था। इस मुकदमे में भी बच्चा पासी नामजद हुआ था। सफेदपोश माफिया से मिलकर बच्चा पासी ने धूमनगंज में प्लाटिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस रिकॉर्ड में इस अवैध धंधे के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली। जमीन कब्जा करने और गैंग संचालित करने के आरोप में ही बच्चा पासी के खिलाफ गैंग रजिस्टर्ड किया गया है।


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