नया प्रवेश

नया प्रवेश
पांच बरस का नन्हा लेखक,
अब अपनी कलम उठाएगा।
आड़ी- तिरछी रेखाओं में ,
अपना सीखा ज्ञान दिखायेगा।
कल का भाग्य विधाता है वो,
सौभाग्य से हमें मिल जाएगा।
उसका भविष्य कैसा होगा?
जिसका, श्रेय हमें भी जाएगा।
खेल, खिलौने, गीत- कविता,
जब विद्यालय में वो पायेगा।
अपने नन्हे साथियों के संग,
अपनी नई दुनिया, बनाएगा।
विद्यालय के प्रवेश दिवस में,
आज नया जन्म, वो पायेगा।
जीवन पथ पर कदम,बढ़कर,
एक दिन धावक वो बन जायेगा।
आओ करें हम ‛इनका’ स्वागत,
विद्यालय के मंदिर में आज।
पहनाएं इन नन्हे बाल देवों” के,
सिर में हम, शिक्षा का ताज।
आओ मनाएं हम, दिवस विशेष,
बच्चों का कराएं, नया प्रवेश।
बताएं सभी,अभिभावकों को,
जीवन का है ये उत्तम निवेश।
रचना:- दीपा आर्य, प्रधानाध्यापक


शेयर करें

सम्बंधित ख़बरें

टीका - टिप्पणी