अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर क्या है इस बार की थीम, जानें

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हम मनाते क्यों हैं? साथ ही इसका मुख्य उद्देश्य है क्या? या कहें कि इस दिन को मनाने के पीछे हमारा वास्तविक उद्देश्य है क्या?

दुनियाभर में लड़का और लड़की में भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। बालिकाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता है। बहुत सारे ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें बालिकाओं को उनके जन्म से लेकर उनके पालन-पोषण के दौरान उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवाधिकारों की हकमारी की जाती है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस को मनाने का उद्देश्य लड़कियों को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज में समान दर्जा दिलाना है। इसके अलावा दुनिया भर में लड़कियों के प्रति होने वाली लैंगिक असामानताओं को खत्म करने की दिशा में भी प्रयास करना है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 11 अक्टूबर के रूप में मनाया जाता है। आज पूरा विश्व 8वां अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मना रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर 2011 को प्रस्ताव संख्या 66/170 को गर्ल चाइल्ड डे यानि की शिशु बालिका दिवस को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाए जाने की मंजूरी प्रदान की थी। प्रत्येक साल इस 11 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। पहला अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस साल 2012 में मनाया गया था।

क्या था अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2019 का थीम

पहला अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस जब 11 अक्टूबर 2012 को मनाया गया, तब इसकी थीम थी- “बाल विवाह उन्मूलन”। हालांकि अभी भी देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बाल विवाह के मामले सामने आते हैं। इसको लेकर कानून भी बनाए गए हैं, लेकिन इस कुरीति को खत्म करने के लिए अशिक्षा, पिछड़ेपन, गरीबी जैसे कारणों को भी दूर करना होगा।

क्या है इस बार की थीम? 

इस साल अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम है- “हमारी आवाज और हमारा समान भविष्य”। इस साल की थीम “हमारी आवाज और हमारा समान भविष्य” का उद्देश्य समाज में ये संदेश देना है कि कैसे छोटी बालिकाएं आज पूरे विश्व को एक मार्ग दिखाने का प्रयास कर रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों का संरक्षण करना तथा उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों एवं कठिनाईयों की पहचान करना है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि समाज में जागरूकता लाकर लड़कियों को वे समान अधिकार दिलाये जा सकें, जो कि लड़कों को दिये गये हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ एक विशेष योजना

केंद्र सरकार ने बालिकाओं को संरक्षण और सशक्त करने हेतु ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना की शुरुआत साल 2015 किया था। केंद्र सरकार ने बालिकाओं को सशक्त बनाने हेतु कई प्रकार की योजनाओं को लागू किया है। 24 जनवरी को प्रत्येक साल भारत में ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ मनाया जाता है।


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