किसानों के साथ होने के बावजूद TMC नहीं करेगी भारत बंद का समर्थन

नई दिल्ली। कृषि कानून संशोधन विधेयक के खिलाफ चला आ रहा किसान आंदोलन का दूसरा सप्ताह भी समाप्ति की ओर है लेकिन अभी तक इस पर कोई राय नहीं बन पाई और उक्त विधेयक के खिलाफ आठ तारीख को किसानों के देशव्यापी बंद को अनेक राजनीतिक पार्टियों का समर्थन प्राप्त है।
आठ दिसम्बर को किसानों के देशव्यापी बंद को अनेक राजनीतिक पार्टियों का समर्थन हासिल है। हालांकि तृण मूल कांग्रेस किसान आन्दोलन का तो समर्थन कर रही है लेकिन उसके भारत बंद पर उसने चुप्पी साध रखी है। इसके अतिरिक्त किसानों के भारत बंद को कांग्रेस सहित अनेक राज्यों ने अपना समर्थन दिया है। इनमें मुख्य रूप से महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर की लगभग 10-12 पार्टियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पंजाब, राजस्थान, हरियाणा की भी कुछ पार्टियों ने अपना समर्थन व्यक्त किया है। पश्चिम बंगाल की तृण मूल कांग्रेस का कहना है कि हम कृषि कानून के खिलाफ किसानों के साथ खड़े हैं लेकिन उनके भारत बंद का हम समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि यह हमारे वसूलों के खिलाफ है। इसी के मद्देनजर पंजाब के सारे होटल और रेस्टारेंट किसानों के भारत बंद का समर्थन करते हुए आठ दिसम्बर को पूरी तरह बंद रहेंगे। बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी के मुखिया भी किसानों के भारत बंद का पूरी तरह से समर्थन करेंगे। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने कहा कि वह किसान आंदोलन और उनके द्वारा भारत बंद का पूरी तरह से समर्थन करेंगी। क्योंकि किसान भारत की आत्मा है और हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री से भी किसानों ने भेंट की और उन्होंने भी भारत बंद में उनका समर्थन करने को कहा है। हालांकि भारतीय किसान संघ ने आंदोलनकारी किसानों के भारत बंद से अपने को दूर रखा है। तथा उन्होंने कहा कि किसान संगठनों को उचित ढंग से अपनी बात सरकार के सामने रखनी चाहिए।


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