एमडीएच के मालिक का 98 साल की उम्र में हुआ निधन…..सिर्फ 5वीं तक ही की थी पढ़ाई…. थे करोड़ों की सम्पत्ति के मालिक….जानिये कैसे…

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में एमडीएच मसाला के नाम से प्रसिद्ध महाशिया दी हट्टी मसाला कम्पनी के मालिक का 98 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, हालांकि वे कुछ दिन पहले कोविड-19 महामारी के चपेट में भी आये थे।
एमडीएच मसाला के नाम से विश्व विख्यात महाशिया दी हट्टी कंपनी के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी ने अपने जीवन की यात्रा के 98 वर्ष पूरे कर चुके और पूरी दुनिया में मसाला जगत के शंहशाह के नाम से विख्यात महाशय धर्मपाल ने बुधवार देर रात को अपने जीवन की अंतिम सांस ली और इस दुनिया को छोड़कर ब्रह्मलीन हो गये। पिछले दिनों वे कोरोना वायरस से ग्रसित हुए थे, लेकिन उनका निधन हार्ट अटैक से होना बताया जा रहा है। महाशय का जन्म अविभाजित पाकिस्तान के सियालकोट में 1923 में हुआ था। विभाजन के पश्चात वह भारत आये तब उनकी जेब में मात्र 1500 रूपए थे तथा उन्होंने शुरू में तांगा चलाकर परिवार का भरण पोषण किया। कुछ साल बाद उन्होंने दिल्ली के अजमल खां रोड़, करोल बाग में मसाले की एक छोटी दुकान खोली। हालांकि विभाजन से पहले भी वह व्यापार करते थे। यह दीगर है कि 1500 रूपए लेकर भारत आये महाशय के पास आज लगभग 5400 करोड़ रूपए की दौलत है। धर्मपाल गुलाटी को व्यापार जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मभूषण पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका था। आज महाशद धर्मपाल गुलाटी का कारोबार देश ही नहीं दुनिया के अन्य देशों में भी फैला हुआ है। इसमें खासकर खाड़ी देश दुबई में उनका कारोबार है। उनकी देगी मिर्च भी दुनियाभर में मशहूर है। एमडीएच मसालों की सप्लाई दुनियाभर में की जाती है। महाशय गुलाटी अपनी पूरी सेलरी सामाजिक कार्यों में दान करते थे। इस समय वह मसालों के अलावा 20 स्कूल और एक अस्पताल भी चला रहे थे।


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