आतंकवाद से शांति और प्रगति दोनों होती हैं प्रभावित-उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली। आतंकवाद को बड़ी समस्या बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा है कि जब तक सभी देश इसके प्रति एकजुट नहीं होंगे तब तक इसे समाप्त नहीं किया जा सकता तथा आतंकवाद का संकट लोगों के समृद्ध जीवन के लिए किए जाने वाले सभी प्रयासों को निष्फल करता रहेगा। उन्होंने दक्षेस देशों के समूह से इसके लिए एकजुट होकर और बिना किसी भेदभाव से प्रयास करने की जरूरत बताई, क्योंकि प्रगति के लिए शांति जरूरी है। इसके बगैर कोई विकास नहीं हो सकता।
एम. वेंकैया नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजरात के जन्म दिवस पर उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया। गुजराल एक विद्वान व्यक्ति, मधुर भाषी और सज्जन राजनेता थे तथा उन्होंने अपने समक्ष आने वाली चुनौतियों और बाधाओं के बावजूद कभी भी अपने मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद का भी जिक्र किया और कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) समूह के देशों को इसके प्रति एकजुटता दिखानी पड़ेगी। नायडू ने कहा कि भारत हमेशा से अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण बनाए रखने में विश्वास रखता है। इसे दुर्भाग्य कहें या और लेकिन सीमा पार के आतंकवाद का हम कई सालों से सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को इसमें सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है तथा उन देशों पर सख्त राजनीतिक और आर्थिक पाबंदियां लगानी होंगी जो आतंकवाद को सह देते हैं। इस मौके पर सांसद नरेश गुजराल, पूर्व सांसद तरलोचन सिंह आदि मौजूद थे।


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