प्रधानमंत्री ने किया फिक्की की 93वीं सालाना बैठक का उद्घाटन, कृषि बिल को लेकर कही ये बड़ी बातें….

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की 93वीं सालाना आम बैठक के साथ-साथ फिक्की एनुअल का वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन किया। इस एजीएम में प्रेरित भारत के विकास में उद्योग जगत से जुड़ी समस्याओं और समाधान पर अपने विचार के साथ-साथ अपना नजरिया भी व्यक्त किया। उन्होंने कोविड-19 के बाद बिगड़े हालात पर भी कहा कि 2020 मैचों के उतार-चढ़ाव की तरह वर्ष 2020 ने भी हमकों बहुत कुछ सिखा दिया। इस वर्चुअल कांफ्रेंस में दुनियाभर के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, कोविड-19 के बाद के हालात पर अपना नजरिया व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जितनी तेजी से हालात बिगड़े, उतनी ही तेजी के साथ सुधर भी रहे हैं। यह बैठक 11, 12 और 14 दिसंबर को आयोजित हो रही है। इसका थीम ‘प्रेरित भारत’ है। इस आयोजन में कई मंत्रियों, नौकरशाहों, उद्योग के मालिकों, राजनयिकों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और अन्य प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया है। यह सम्मेलन विभिन्न हितधारकों को अर्थव्यवस्था पर कोरोना के प्रभाव, सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमने 20-20 के मैच में तेजी से बहुत कुछ बदलते देखा है, लेकिन 2020 के साल ने सभी को मात दे दी। कुछ वर्षों बाद हम कोरोना काल को याद करेंगे, तो शायद यकीन ही नहीं आएगा। पीएम ने कहा कि सबसे अच्छी बात यह रही कि जितनी तेजी के साथ हालत बिगड़े, उतनी ही तेजी से सुधर भी रहे हैं। शुरुआत में हम अनगिनत समस्याओं से जूझ रहे थे। इन चुनौतियों से दुनियाभर में लोग परेशान थे, सालांत आते-आते स्थिति बहुत बदली नजर आ रही है। हमारे पास जवाब भी है और रास्ता भी है। 11-14 दिसम्बर तक चलने वाले इस वर्चुअल कांफ्रेंस में गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य, उद्योग व रेल मंत्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी व संचार एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित प्रमुख नीति निर्धारकों भी इसमें भाग लेंगे। वक्तओं में माइक्रो सॉफ्ट सीईओ, टाटा ग्रुप के चेयरमैन, कैडिला हेल्थकेयर के चेयरमैन आदि अनेक बिजनेस प्रमुख शामिल हैं। विश्वभर से लगभग 10 हजार से अधिक प्रतिनिधि भी वर्चुअली इसमें भाग ले रहे हैं।


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