अब हैकर्स ने खाते से उड़ाए पैसे तो बैंक होगा जिम्मेदार…….जानिए कैसे!

नई दिल्ली। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने कहा कि अगर हैकर्स किसी व्यक्ति के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर पैसे निकाल लेते हैं तो नुकसान के लिए ग्राहक नहीं बल्कि बैंक जिम्मेदार होगा। आयोग ने क्रेडिट कार्ड से हुई धोखाधड़ी के मामले में बैंक को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि साल 2017-18 की सालाना रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह साफ कर दिया था कि हैकिंग होने पर कौन जिम्मेदार होगा? आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जो नुकसान होगा, उसे कौन वहन करेगा, इसका फैसला इस बात से होगा कि गलती किसकी है? आरबीआई के नियमानुसार, यदि बैंक की तरफ से लापरवाही या गलती होती है तो ग्राहक को चिंता करने की जरूरत नहीं है और पूरा नुकसान बैंक द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं यदि धोखाधड़ी ग्राहक की लापरवाही के चलते हुई है तो ग्राहक को ही नुकसान झेलना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में जहां ना ग्राहक की गलती है और ना ही बैंक की तो उस स्थिति में यदि ग्राहक धोखाधड़ी होने के 3 वर्किंग डे में बैंक में शिकायत दर्ज करा देता है तो फिर धोखाधड़ी की जिम्मेदारी ग्राहक की नहीं होगी। वहीं 4-7 दिन में शिकायत दर्ज कराने पर ग्राहक को 5000-25000 रुपए तक मिलेंगे। लेकिन अगर ग्राहक ने 7 वर्किंग डे के बाद धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करायी तो यह निर्भर करेगा कि ऐसे मामलों में बैंक की पॉलिसी क्या है।


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