नए कृषि कानून से किसानों को नये अधिकार मिले व देवी अन्नपूर्णा 100 साल पुरानी मूर्ति मिलना चमत्कार: पीएम मोदी

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोविड-19 की वैक्सीन का जायजा लेने के बाद और देश में किसानों द्वारा नये कृषि कानून के विरोध में हो रहे आन्दोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 71वें संस्करण के जरिए देश को संबोधित किया तथा इस कार्यक्रम के जरिये उन्होंने कई अहम मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किये।
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान कहा कि संसद ने हाल ही में कठोर मंथन के बाद कृषि सुधार कानून पारित किया है तथा इन सुधारों ने न केवल किसानों की परेशानियां कम हुई हैं बल्कि इस कानून के लागू होने के बाद उनके हाथ और मजबूत हो गये तथा जो किसान आन्दोलन पर उतारू हैं उन्हें पहले इस कानून के बारे में समझना चाहिए और बिचौलियों के हाथों की कठपुतली बनने से बचना चाहिए। किसान खुद खेतों में अन्न उगायेगा और उसे अपनी मर्जी से किसी भी मंडी, बाजार जहां भी उसे उसका सही दाम मिले बेच सकता है तथा उसे अब मंडी समिति के अधिकारियों के समक्ष अपने ही अनाज के लिए गिड़गिड़ना नहीं पड़ेगा।
दूसरी ओर हर भारतीय को यह जानकर गर्व महसूस होगा कि देवी अन्नपूर्णा की एक प्राचीन मूर्ति को कनाडा से भारत वापस लाया जा रहा है। लगभग 100 साल पहले 1913 में, यह मूर्ति वाराणसी के एक मंदिर से चुराई गई थी और देश के बाहर तस्करी की गई थी तथा माता अन्नपूर्णा का काशी से बहुत ही विशेष संबंध है। अब उनकी प्रतिमा का वापस आना हम सभी के लिए सुखद है। माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की तरह ही हमारी विरासत की अनेक अनमोल धरोहरें, अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का शिकार होती रही हैं। माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की वापसी के साथ एक संयोग यह भी जुड़ा है कि कुछ दिन पूर्व ही विश्व विरासत सप्ताह मनाया गया है।


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