गत वर्ष की अपेक्षा इस बार दीपावली पर प्रदूषण बढ़ना चिंताजनक

नई दिल्ली। इस साल दीवाली पर सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक गत वर्ष 2019 की तुलना में इस दीवाली पर सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। सीपीसीबी ने इस संदर्भ में नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) को रिपोर्ट भेजी है।
एनजीटी ने हालांकि पूरे देश में पटाखों के जलाने और बेचने पर प्रतिबंध लगाया था तथा उन राज्यों को 2 घंटे ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी गई थी जहां वायु की गुणवत्ता सही हो। इस निर्देश के बावूजद दीवाली पर चोरी-छिपे पटाखे फोड़े गए। नतीजा यह रहा है कि अन्य दिनों की अपेक्षा दीपाली के दिन सबसे ज्यादा प्रदूषण बढ़ा। सीपीसीबी ने इस साल दीवाली पर हुए प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण पर एक रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में प्री-दीवाली और दीवाली पर हुए प्रदूषण के बारे में बताया गया है। इस दौरान 40 लोकेशन पर हवा की गुणवत्ता को मॉनिटर किया गया था। इस दौरान प्री-दीवाली और दीवाली पर हुए प्रदूषण के डाटा को पिछले 5 सालों के डाटा के साथ तुलना की गई थी। मौसम में अचानक से बदलाव आया, जिसके बाद लोगों को प्रदूषण से राहत मिली है। इससे पहले लगातार लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। दीपावली पर जलाए गए पटाखों से अगले दिन प्रदूषण खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया था तथा रविवार को हुई अचानक बारिश ने लोगों की परेशानियों को कम करने का काम किया है। वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में भी धुंध छट गया और प्रदूषण में गिरावट होने की संभावना जताई गई है।


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