खाद्य तेलों की कीमतों में इजाफा, सरकार के लिए चिंता का विषय….

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी के बीच खाद्य तेलों में आई बेतहाशा तेजी ने लोगों के किचन का जायका तो बिगाड़ ही सरकार के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंच गयी हैं। खाद्य तेलों में सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी, वनस्पति व पाम तेल में 25-30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।
मूल्य निगरानी सेल के आंकड़ों के अनुसार सोयाबीन तेल एक साल पहले 90 रुपए प्रति लीटर था वह अब 110 रुपये पर पहुंच गया। सरसों तेल जो गत वर्ष 100 रुपए था वह 120 रुपए लीटर बोला जा रहा है। इसी तरह सूरजमुखी और पाम तेल भी वृद्धि देखने को मिली है। वनस्पती तेल भी 75 रुपए से बढ़कर 102.5 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर सरकार पाम ऑयल पर आयात शुल्क घटा दे तो इसकी कीमतें कम हो सकती हैं। लेकिन इससे देश के उत्पादकों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि इससे अन्य तिलहनों का उत्पादन प्रभावित होगा और किसानों को अपनी फसल के कम दाम मिलेंगे। इसलिए सरकार को मलेशिया से पाम ऑयल का उत्पादन न करके पाम का आयात करना चाहिए।


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