हाथरस कांड : पीड़ित परिवार कह रहा गांव छोड़ने की बात, कहा – हमें मौत दिखाई दे रही है

हाथरस कांड में एक ओर जहाँ सियासी गलियारों में उहापोह की स्तिथि बनी हुई है तो दूसरी तरफ अब इस मामले को लेकर दंगे भड़काने की साज़िश के खुलासे हो रहे हैं। वहीं, हाथरस में भयावह हो चली मौजूदा स्तिथि को देखते हुए पीड़िता का परिवार गांव छोड़ने की बात कर रहा है। परिवार ने एक निजी चैनल को बताया कि, वो भय में जी रहे हैं और गांव में कोई भी उनकी मदद को आगे नहीं आ रहा है और आरोपियों के परिवार की तरफ से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। परिवार ने ये भी कहा कि, हमारे साथ जब से ये हादसा हुआ है जिसके बाद अब तक किसी ने हमें पानी तक नहीं पूछा। हमारी मदद करने से कतरा रहे हैं। इसलिए हमारे पास ये गांव छोड़ने के शिव और कोई रास्ता नहीं है।

पीड़िता के पिता ने तो यहां तक कह दिया कि, ”यहां और अधिक रुकने से हमें तो आगे चलकर मौत दिखाई दे रही है. हम सोच रहे हैं कि ये गांव छोड़कर हम कहीं रिश्तेदारी के पास चले जाएं, गांव में हमारा तिरस्कार किया जा रहा है, कई लोग तो हमरे साथ हुए हादसे से इतने सहम गए हैं कि हमारी पूछ करने तक नहीं आ रहे कि, आप कैसे हो। वहीं, पीड़िता के बड़े भाई ने कहा कि, यहां हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हमारा यहां पर रह पाना अब दूभर हो चला है, आरोपियों द्वारा छोटे भाई को मारने की भी धमकी दी जा रही है।

मालूम हो कि, बीते माह 14 सितंबर को हाथरस में 19 वर्षीय किशोरी से गांव के ही चार युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किये जाने की वारदात सामने आई थी। दुष्कर्म को अंजाम दिए जाने के बाद लड़की को मारने की कोशिश भी की गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जिसके बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लंबे इलाज के बाद लड़की की मौत हो गई थी। इसके बाद पीड़िता के परिजनों की लाख़ मिन्नतें किये जाने के बाद भी यूपी पुलिस द्वारा नियमों को ताक पे रख के रात के अंधेरे तले ही लड़की के शव को आग दे दी गई थी। .

अब हाथरस में हुए इस मामले ने तूल पकड़ा तो यूपी सरकार बैकफुट पर आ गई। विपक्षी दलों के नेता भी इस मामले को भुनाने के लिए हाथरस का रुख करने लगे। इस मामले को लेकर सभी विपक्षी दलों द्वारा योगी सरकार को निशाना बनाया गया और उनपर आम जनता के हितों के हनन के आरोप लगाए। यही नहीं, इसके अलावा विपक्ष ने मामले को और ज़्यादा हवा देते हुए जातीय आधार पर भी योगी सरकार को घेरने के प्रयास किये जाने लगे।

वहीं, दूसरी तरफ गांव में लगातार दुष्कर्म और हत्या के आरोपी युवकों के पक्ष में सवर्ण समाज द्वारा पंचायत की जा रही हैं। उनके द्वारा लगातार पीड़ित परिवार पर झूठ बोलने के आरोप लगाए जा रहे हैं और आरोपियों को बेगुनाह साबित किया जा रहा है।

हाथरस कांड के बाद क्षेत्र में इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीड़ित परिवार की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। परिवार के सभी सदस्यों के साथ पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही पीड़ित के घर पर सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए गए हैं। चौबीसों घंटे परिवार के हर सदस्य के साथ अब दो बॉडीगार्ड रहेंगे। जबकि पीड़िता के परिवार के घर के बाहर पीएससी के 18 जवानों की तैनाती की गई है। जबकि घर के अंदर हेड कॉन्स्टेबल के अलावा 6 अन्य गार्ड जिमें 4 पुरुष, दो महिला शामिल हैं। घर के मुख्य द्वार पर अब 2 सब इंस्पेक्टर बारी बारी से तैनात रहेंगे, जो आने-जाने वाले की तफ्तीश और जानकारी रखेंगे। मामले की गंभीरता और परिवार की सुरक्षा को और अधिक पाबंध किये जाने को लेकर प्रवेश द्वार पर अब मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था भी की गई है। वहीं, इतनी कड़ी सुरक्षा दिए जाने के बावजूद परिवार खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रहा है और गांव छोड़ने की बात कर रहा है।


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