सितारगंज में धरना देते पूर्व विधायक नारायण पाल व किसान

पूर्व विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नारायण पाल ने सांकेतिक धरना देकर धान खरीद में तेजी लाने किसानों को समर्थन मूल्य दिलवाने व खरीद एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। रविवार तक इस पर कार्यवाही न होने पर 19 अक्टूबर सोमवार से वरिष्ठ वितरण अधिकारी कार्यालय के सामने आमरण अनशन करने की चेतावनी दी।

कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में वरिष्ठ वितरण अधिकारी कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना देते हुए पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि सरकार द्वारा तीन एजेंसियों के माध्यम से धान की खरीद करवाई जा रही है। बावजूद इसके किसानों को धान लेकर घर वापस लौटना पड़ रहा है कहीं भी किसी एजेंसी द्वारा नियमानुसार धान की खरीद नहीं की जा रही है। मंडी क्षेत्र की तीनों एजेंसियों से क्षेत्र के 25 हजार से ज्यादा किसान जुड़े हुए हैं। किसान धान लेकर एजेंसियों पर पहुंचते हैं तो उसमें खामखा मॉश्चर बता दिया जाता हैं। अब यदि ऐसे में बारिश हो गई तो क्या होगा।

उन्होंने कहा कि राइस मिलर ग्यारह बारह सौ से ऊपर धान नहीं खरीद रहे हैं। जबकि कच्चे आढ़तियों द्वारा अच्छे खासे धान में तरह-तरह का नुक्सा निकाला जा रहा है सरकार ने 7 लाख कुंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। एजेंसियों की मनमानी के चलते वह 25%भी पूरा हो पायेगा इसकी उन्हें उम्मीद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में आरएफसी समेत अन्य कई अधिकारियों से बातचीत की है और उन्हें बता दिया है कि यदि रविवार तक इस संबंध में कारगर कदम नहीं उठाया गया। मसलन किसानों को समर्थन मूल्य नहीं दिलवाया गया और धान खरीद में तेजी लाने के साथ एजेंसियों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो सोमवार से आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि कछुआ गति से और मनमाने ढंग से धान की खरीद होने के कारण क्षेत्रीय किसान बेहद परेशान हैं। किसानों की इस परेशानी को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।


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