8वें दौर की वार्ता से पहले किसानों ने सरकार पर बनाया दबाव, निकाली ट्रैक्टर रैली

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ नाराज किसानों ने फिर दिल्ली से लगती सभी सीमाओं पर ट्रेक्टर रैली निकाल रहे हैं। सरकार और किसानों के बीच 7 दौर की असफल बातचीत होने से आंदोलन को 43 दिन बीत जाने पर भी कोई हल नहीं निकल पा रहा है। 8वें दौर की बातचीत से पहले किसानों फिर से सरकार पर दबाव बनाने के लिए रैली निकाल रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने भी सुरक्षा के जबरदस्त बंदोबस्त कर रहे हैं।

जब से सरकार ने नये कृषि कानून पास किये हैं तब से किसानों का बिल वापस लेने के लिए सरकार पर जबरदस्त दबाव बनाया हुआ है। सरकार और किसानों के बीच इन कृषि कानूनों पर सात दौर की बातचीत बेनतीजा रही। अब आठवें दौर की वार्ता के लिए सरकार ने किसानों को आठ जनवरी का समय दिया है। इसे देखते हुए किसानों ने कृषि कानूनों को वापस लिये जाने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए आज दिल्ली बॉर्डरों पर किसान ट्रेक्टर रैली निकाल रहे हैं। गाजीपुर बॉर्डर से किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालनी शुरू कर दी है। पंजाब के किसान नेता हरिंदर सिंह लखोवाल किसानों के साथ ट्रेक्टर सहित दिल्ली बॉर्डर पहुंच रहे हैं। वहीं हरियाणा किसान नेता शिव कुमार कक्का ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर ट्रेक्टर रैली निकाली है। इसे देखते हुए दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सरकार ने कर रखे हैं तथा किसान रैली का कोई भी ट्रेक्टर केएमपी पर नहीं चढ़ने दिया जायेगा और उन्हें टोल पर रोकने की पूर्ण व्यवस्था है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि किसानों के ट्रैक्टर मार्च को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाये रखने के पूरे बंदोबस्त कर रखे हैं तथा किसान नेताओं से भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील कर रहे हैं। राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी किसान ट्रैक्टर सहित दिल्ली बॉर्डर की ओर कूच करने लगे हैं। इसे देखते हुए गाजियाबाद एडीएम ने कहा कि यहां से गाड़ियां नोएडा होते हुए वापस गाजीपुर को आयेंगी। हम सभी चीजों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की रैली को सम्बोधित करते हुए किसान यूनियन नेता टिकैत का कहना है असली टै्रक्टर रैली तो गणतंत्र दिवस के दिन होगी। आज तो केवल रिहर्सल है। अब देखना है कि आठ जनवरी को होने वाली वार्ता से पहले किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली निकालकर केन्द्र सरकार पर कितना दबाव बनाया जाता है।


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