उर्मिला देवी को मुआवजा देने में पेयजल विभाग कर रहा आनाकानी

कोटद्वार। यमकेश्वर के ग्राम भरपूर निवासी पीडिता उर्मिला देवी ने बताया कि विगत वर्ष 17 फरवरी 2020 को वह पेयजल योजना में कार्य करते हुए चोटिल हो गयी थी। जिसमें उनका पैर फै्रक्चर हो गया था, उनके इलाज में 1 लाख रूपये तक का खर्चा हो गया था, जिसके मुआवजे के लिए अधिशासी अभियंता उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई गयी, परन्तु विभाग द्वारा उनको मात्र 4 हजार रूपये का भुगतान किया गया। विवश होकर पीडिता ने श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई जिस पर कार्यवाही करते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी कोटद्वार ने प्रधान सेवायोजक/अधिशासी अभियंता तथा संविदाकार को शनिवार को नियोजित श्रमिक की मजदूरी उपस्थिति एवं अन्य देयकों से सम्बन्धित सम्पूर्ण अभिलेखो प्रस्तुत करने के आदेश दिये गये थे। पीड़िता ने बताया कि उनके इलाज में अभी तक 1 लाख रूपये खर्च हो चुके है परन्तु पैर अभी भी ठीक नहीं है। गरीब होने के कारण वह इस प्रकार सक्षम नहीं है कि वह और अधिक खर्चा उठा सके। वहीं विभाग के एई ने कहा कि हमारे द्वारा किसी को भी मजदूरी के लिए नही लगाया गया है। संविदाकार यशपाल सिंह ने बताया कि पेयजल योजना के लिए भरपूर योजना के 13 मजदूरों को वर्ष 2020 के फरवरी माह में काम कराया गया था। जिस दौरान उर्मिला देवी पहाड़ से गिर गयी। उनके इलाज के लिए अवर अभियंता ने 4 हजार रूपये दिये थे। इस दौरान ग्रामीणों ने एई को ज्ञापन सौंपते हुए एक माह से बंद पड़ी भरपूर पेयजल योजना पर जलापूर्ति दुरस्त कराने की मांग की है। इस मौेके पर विजय लखेडा, गजेन्द्र मोहन धस्माना, उर्मिला देवी, सुमिता देवी, पंचम सिंह, मंगल सिंह नेगी, चन्द्र प्रकाश नेगी प्रधान, आशीष नेगी, दिलबर नेगी आदि मौजूद रहे।


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