दोबारा कोरोना हो जाएगा ये सोच के घबराएं नहीं, जानें इसपर डॉक्टरों की ये सलाह

कोरोना संक्रमण से ठीक हो जाने के बाद भी कई लोगों के मन में भय रहता है कि, कहीं वे दोबारा कोरोना की गिरफ़्त में तो नहीं आ जाएंगे। आपको बता दें, भोपाल में महीने भर के भीतर 12 ऐसे मामले आए हैं, जिनकी एक बार कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद दोबारा जाँच किये जाने जाने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जिसके चलते इस बात को लेकर लोगों के अंदर डर का होना स्वाभाविक हो जाता है।

वहीं, इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि दोबारा संक्रमण होने पर परेशान होने की जरूरत नहीं है। ज्यादातर मामलों में यह होता है कि मृत आरएनए फेफड़े से गले में आ जाता है। गले से स्वाब का सैंपल लेने के बाद जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है। इसके बाद भी मरीज को किसी तरह की दिक्कत नहीं होती और न ही वह दूसरों को संक्रमित कर सकता है। अलग-अलग अध्ययनों में यह सामने आ चुका है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना कि, जरूरी नहीं कि जो कोरोना मरीज निगेटिव आ चुके हैं उनकी हर बार रिपोर्ट नेगेटिव ही आए। फेफड़े की मृत कोशिकाओं के कारण दोबारा पॉजिटिव रिपोर्ट की संभावना रहती है। इसका कतई मतलब यह नहीं है कि मरीज री-इंफेक्टेट है। जो मरीज एक बार ठीक हो चुका है, उसकी रिपोर्ट दोबारा पॉजिटिव आए लेकिन मरीजों का दोबारा पॉजिटिव टेस्ट आने के पीछे फेफड़ों की मरी हुई कोशिकाएं जिम्मेदार हो सकती हैं। इससे मरीजों को डरने की जरूरत नहीं है, इन मृत कोशिकाओं के आधार पर रिपोर्ट के दोबारा पॉजिटिव आने की संभावना हो सकती है। लेकिन यह मरीजों का रिकवरी फेज है, जिसमें मनुष्य का शरीर खुद ही उसकी रिकवरी करता है।


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