बड़ी ख़बर : केंद्र सरकार ने किया जम्मू-कश्मीर पर नया भूमि कानून लागू, जानें इससे होने वाला फायदा

धरती का स्वर्ग कहलाने वाले खूबसूरत कश्मीर में भला कौन नहीं चाहेगा अपने सपनों के आशियाने को बनाना। लेकिन देर से ही सही अब इस सपने का साकार रूप में देखने का वक्त आ चुका है। जी हाँ अब जब चाहें केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में आप अपने सपनों का घर बना सकते हैं। क्योंकि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधी कानूनों में बदलाव कर दिया है। जिसके तहत अब देश का कोई भी नागरिक जम्मू कश्मीर में बिना रोकटोक अपने मकान, दुकान और काराेबार के लिए जमीन खरीद सकता है।

केंद्र सरकार के इस आदेश के जारी होने के बाद कश्मीर केंद्रित दलों के गले ये बात नहीं उतर रही है। इनमें प्रमुख तौर पर नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी शामिल हैं, जिन्होने केंद्र के इस फ़ैसले का विरोध करना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी की प्रधान महबूबा मुफ्ती ने आदेश को संवैधानिक दृष्टि से गलत बताया है। उनका कहना है कि, जम्मू-कश्मीर पर लागू किये गए नए भूमि कानून को वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।

वहीं, उद्योग जगत से जुड़े लोग जम्मू-कश्मीर को लेकर बने इस नए कानून को सरकार का एक सराहनीय कदम बता रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि, भूमि कानून लागू होने के बाद जम्मू-कश्मीर में उद्योग की संभावनाएं बढ़ेंगी। देश के दूसरे राज्यों में स्थित बड़े-बड़े उद्योगपति जम्मू-कश्मीर में उद्योग लगाने के लिए बढ़चढ़कर आगे आएंगे, उद्योगों के स्थापित होने से यहां के वाशिंदों को प्रयाप्त रोज़गार मिल सकेगा।

केंद्र सरकार का यह फैसला जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत जम्मू-कश्मीर राज्य के केंद्र शासित प्रदेश के रूप में पुनर्गठित होने की पहली सालगिरह से करीब चार दिन पहले आया है। उल्लेखनीय है कि, पांच अगस्त 2019 से पूर्व जम्मू-कश्मीर राज्य की अपनी एक अलग संवैधानिक व्यवस्था थी। उस व्यवस्था में सिर्फ जम्मू-कश्मीर के स्थायी नागरिक जिनके पास राज्य का स्थायी नागरिकता प्रमाण पत्र हो, वही यहां जमीन खरीद सकते थे। देश के किसी अन्य भाग का कोई भी नागरिक को जम्मू-कश्मीर में अपने मकान, दुकान, कारोबार या खेतीबाड़ी के लिए जमीन खरीदने की इज़ाज़त नहीं थी। वह सिर्फ कुछ कानूनी प्रपत्रों जैसी औपचारिकताओं को पूरा कर पट्टे के आधार पर जमीन प्राप्त कर सकता था या किराए पर ले सकता था।

जम्मू-कश्मीर का संविधान और कानून समाप्त होने के बावजूद भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधी कानून में आवश्यक सुधार पर संशोधन की प्रक्रिया काे अंतिम रूप नहीं दिया गया था। अलबत्ता, गत शाम केंद्रीय गृहसचिव ने इस संदर्भ में आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के मुताबिक, देश के किसी भी भाग का कोई भी नागरिक अब बिना किसी मुश्किल मकान-दुकान बनाने या काराेबार के लिए जमीन खरीद सकता है। इसके लिए उसे कोई स्थाई प्रमाण पत्र या नागरिकता प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। स्थाई प्रमाण पत्र की आवश्यकता सिर्फ कृषि भूमि की खरीद के लिए अनिवार्य होगी।

मालूम हो कि, केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से बदल दिया है। पहले उन्होंने अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त कर दिया, फिर रोशनी एक्ट को हटा दिया और अब यह भूमि को लेकर नया कानून पारित किया गया है जो सभी भारतीयों को जम्मू-कश्मीर में कहीं भी जमीन खरीदने का एक वैध अधिकार सुनिश्चित करता है।


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