पूर्वी लद्दाख में पकड़े गए चीनी सैनिक को लेकर बड़ा खुलासा, सैनिक के पास से मिला ये सामान

एलएसी पर दोनों देशों के बीच पिछले पांच महीनों से गतिरोध बना हुआ है। दोनों देश बातचीत के जरिये गतिरोध सुलझाने की कोशिशें कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी के उल्लंघन पर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच आठ चक्र की वार्ता हो चुकी है। नौवें चक्र की वार्ता अगले सप्ताह हो सकती है। बीते दिनों आठवें दौर की सैन्‍य वार्ता में भारत ने चीन से साफ कर दिया था कि पूर्वी लद्दाख में पूरी तरह से चीनी सेना की वापसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।

बीते सोमवार को पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भारतीय सेना द्वारा पकड़े गए चीनी सैनिक के बारे एक महत्‍वपूर्ण खुलासा हुआ है। एएनआइ की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सेना के जवान के पास स्लीपिंग बैग, स्टोरेज डिवाइस और एक मोबाइल फोन पाया गया था। सूत्र ने बताया कि भारतीय सुरक्षा बलों को उसके पास से चीनी सेना का परिचय पत्र भी मिला था। हालांकि पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के इस जवान के पास जो स्‍टोरेज डिवाइस पाया गया वह खाली था।

सूत्रों के मुताबिक, चीनी सेना के जवान की मुकम्‍मल तरीके से चेकिंग हुई उससे भारतीय क्षेत्र में आने को लेकर तमाम सवाल पूछे गए। सनद रहे कि, इस चीनी सैनिक के पकड़े जाने के बाद भारतीय सूत्रों ने चीनी सेना के उस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था कि, चीनी सैनिक चरवाहों की मदद करते समय भटककर भारतीय क्षेत्र में घुस गया था। बाद में पूरी पड़ताल के बाद इस चीनी सैनिक को भारतीय सेना ने पीएलए के हवाले कर दिया था। इसके बाद चीन की सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि, सैन्य वार्ता से पहले भारतीय सेना का यह सकारात्मक कदम है। पकड़े गए सैनिक की पहचान चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए के कॉरपोरल वांग या लॉन्ग के रूप में हुई थी। इस जवान को भारतीय सेना ने चिकित्‍सकीय मदद भी दी थी।

बता दें कि इस मामले में चीनी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि चीन और भारत के बीच समझौते के तहत रविवार को चीन-भारत सीमा के पास याक खोजने में स्थानीय चरवाहों की मदद करते समय कथित तौर पर भटक गए चीनी सैनिक को भारतीय सेना ने 21 अक्टूबर 2020 को तड़के सौंप दिया है।


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