अमेरिकी लोकतंत्र हुआ शर्मसार, ट्रम्प के भड़काऊ बयानों का नतीजा

वाशिंगटन। राष्ट्रपति चुनाव के बाद आये नतीजे जोबाइडन के पक्ष में जाने के बाद से ही अमरीकी राजनीति अस्थिर लगने लगी है। निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी हार स्वीकारने को तैयार नहीं है। इसी के चलते ट्रम्प के समर्थकों ने ऐसी घिनौनी हरकत कर लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया। दुनिया के बड़े-बडे़ देशों ने इस घटना की घोर निंदा की है और उन्होंने ट्रम्प को सत्ता हस्तांतरण करने का सुझाव दिया है जिससे ऐसी घटनाएं न हो।
विश्व के सबसे बड़े शक्तिशाली देश में हुई हिंसा राजनीतिक हिंसा ने सबका ध्यान केन्द्रित कर दिया है। अमरीका में लोकतंत्र का सबसे बड़ा केन्द्र संसद पर ट्रम्प समर्थकों ने हमलाकर एक तरह से लोकतंत्र की हत्या कर दी। हाल में हुए राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की अप्रत्याशित हार को उसके समर्थन सहन नहीं कर पा रहे हैं और वे तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इसे न सिर्फ चुनावी नतीजों को अस्वीकार करते हुए हिंसक प्रदर्शन करने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है, बल्कि बेहद घटिया बताया जा रहा है। संसद पर हुए इस राजनीतिक हमले की दुनियाभर के बड़े नेताओं ने कड़ी निंदा की है और इससे उपजे हालात पर चिंता भी जताई है। विभिन्न देशों के नेताओं ने डोनाल्ड ट्रम्प को हार को स्वीकारते हुए शांतिपूर्ण तरीके से नवनियुक्त राष्ट्रपति जोबाइडन को सत्ता सौंपने की अपील की है। यूएन महासचिव भी इस घटना से व्यथित हुए हैं। न्यूजीलैंड, ब्रिटेन व आस्टे्रलिया के प्रधानमंत्री ने इस घटना को अशोभनीय करार देते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों के पास मतदान करने व अपनी बात रखने तथा फैसलों का शांतिपूर्ण तरीके मनवाने का अधिकार होता है। इसे भीड़तंत्र नहीं बनाया जा सकता है। अमरीका दुनिया में लोकतंत्र के लिए आगे रहता है। इसलिए सत्ता हस्तांतरण शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके होनी चाहिए। इस बीच चीन ने अपने नागरिकों को सावधान रहने को कहा है। जर्मनी के विदेश मंत्री ने भी ट्रम्प समर्थकों से मतदाताओं के फैसले को स्वीकार करने को कहा है। यूरोपीय संसद के अध्यक्ष ने भी अमेरिकी हिंसा की निंदा की है।


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